ट्रंप के पीस प्लान पर हमास कर रहा विचार और इजरायल मचा रहा तबाही, गाजा में 57 फिलिस्तीनियों की मौत

इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है.

Israel wreaks havoc in Gaza amid discussions on Trump peace plan
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इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. गाजा पट्टी में गुरुवार को हुए इजरायली हवाई हमलों और गोलीबारी में कम से कम 57 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब फिलिस्तीनी संगठन हमास, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित एक नई शांति योजना पर विचार कर रहा है. हालांकि अभी तक हमास की ओर से इस योजना पर कोई औपचारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

गाजा के अलग-अलग इलाकों में तबाही

गाजा में तैनात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हवाई हमले और तोपखाने की गोलाबारी मुख्य रूप से गाजा के दक्षिणी और मध्य इलाकों में की गई. सबसे बड़ा हमला खान यूनिस और दक्षिणी गाजा के अन्य हिस्सों में दर्ज किया गया, जहां कम से कम 27 लोग मारे गए.

स्थानीय अस्पताल नासिर हॉस्पिटल के अनुसार, इनमें से 14 मौतें उस इलाके में हुईं, जहां पहले से ही मानवीय सहायता वितरण की प्रक्रिया चल रही थी और वहां एक अस्थायी इजरायली सैन्य गलियारा बनाया गया था. यह वही क्षेत्र है जहां अतीत में भी इजरायली गोलाबारी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

मध्य गाजा में भीषण हमला

गाजा के मध्य स्थित शहर दीर अल-बलाह में मौजूद अल-अक्सा शहीद अस्पताल ने बताया कि यहां के इजरायली हमलों में 13 लोगों की जान गई है.

वहीं, गाजा सिटी में स्थित सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र शिफा अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें गोलीबारी और हवाई हमलों में घायल हुए कई लोग मिले हैं. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि लगातार हो रहे हमलों के कारण मेडिकल स्टाफ को काम करने और अस्पताल तक पहुंचने में गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

हमास के सामने ट्रंप की शांति योजना

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा राजनीतिक मोर्चा भी सक्रिय है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एक नई शांति योजना प्रस्तुत की गई है, जिसका उद्देश्य गाजा में चल रहे युद्ध को समाप्त करना है.

इस प्रस्ताव के तहत:

  • हमास को अपने कब्जे में रखे गए सभी 48 बंधकों को रिहा करना होगा,
  • इनमें से 20 को इजरायल जीवित मानता है,
  • इसके बदले इजरायल सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा,
  • हमास को सत्ता छोड़नी होगी और
  • उसे हथियार डालने होंगे.

इस प्रस्ताव में फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना का कोई उल्लेख नहीं है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और खुद फिलिस्तीनी नागरिकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना इजरायल के हितों को अधिक प्राथमिकता देती है, और यही वजह है कि हमास इस प्रस्ताव पर सहमति जताने से हिचक रहा है.

इजरायल ने दी योजना को मंजूरी

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस योजना को अपना समर्थन दे दिया है. इजरायली सरकार इसे "व्यावहारिक समाधान" कह रही है, जबकि हमास की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक रुख सामने नहीं आया है.

गौरतलब है कि हमास इस शर्त को लेकर असहज है कि उसे गाजा की सत्ता पूरी तरह छोड़नी होगी और साथ ही हथियार डालने होंगे, जबकि दूसरी ओर इस योजना में एक स्वतंत्र फलस्तीनी राज्य की बात तक नहीं की गई है.

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