Iran US War: अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों पर हमला किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि शनिवार को की गई इस कार्रवाई में ईरान के तीन तेल जहाजों को निशाना बनाया गया. अमेरिकी सेना ने हमले का वीडियो भी जारी किया है. यह कार्रवाई उस समय हुई जब कुछ घंटे पहले ईरान ने अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरानी मिसाइल हमले में किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा. जिन युद्धपोतों को निशाना बनाया गया था, वे आने वाली मिसाइलों से बचने में सफल रहे.
होर्मुज को लेकर बढ़ता जा रहा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब होर्मुज जलडमरूमध्य तक पहुंच गया है. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक है. दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है.
लगातार हमलों और सैन्य गतिविधियों के कारण इस इलाके में जहाजों के लिए खतरा बढ़ गया है. इसका असर समुद्री कारोबार पर भी पड़ा है और यहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की संख्या कम हुई है. अमेरिका ने हाल के दिनों में होर्मुज के आसपास अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं. उसका आरोप है कि ईरानी सेना व्यापारिक जहाजों और अमेरिकी कर्मियों के लिए खतरा पैदा कर रही है.
“Let the message to the IRGC be clear: If you shoot at two of our ships, we will impose an even higher economic cost —taking out three of yours. We will not hesitate to defend American forces, and if necessary, destroy Iran’s limited and exposed oil fleet.” — Adm. Brad Cooper,… pic.twitter.com/UGGcSGsUtd
— U.S. Central Command (@CENTCOM) September 5, 2026
अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
इससे पहले अमेरिकी सेना ने लराक द्वीप पर मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था. अमेरिका का कहना था कि इन ठिकानों का इस्तेमाल समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने और जहाजों की आवाजाही रोकने की तैयारी के लिए किया जा रहा था.
ईरान के दक्षिणी तट पर मौजूद सैन्य ढांचे के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े एयर डिफेंस सिस्टम, रडार ठिकाने, समुद्री संसाधन, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता और संचार सुविधाओं को निशाना बनाया गया.
ईरान भी दे रहा है अमेरिका को जवाब
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी इलाके में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल निर्यात पर रोक लगाने की कोशिश हुई तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई को और सीमित कर सकता है.
ईरानी अधिकारी कई बार संकेत दे चुके हैं कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को वह अमेरिका के खिलाफ दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है. ईरानी तेल टैंकरों पर हुए ताजा अमेरिकी हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब होर्मुज और उसके आसपास व्यापारिक जहाजों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है.
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