खामेनेई पड़ गए अकेले! मंडरा रहा मौत का साया, क्या अमेरिका-इजरायल बदल देंगे ईरान का भविष्य?

इजरायल ने खामेनेई को सीधे निशाना बनाने की योजना भी बनाई थी, लेकिन अंतिम क्षणों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर रोक लगा दी.

Khamenei left alone America Israel to change future of Iran
खामेनेई | Photo: X/Khamenei

मध्य पूर्व में युद्ध की आग अब इतना भड़क चुकी है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे. जहां एक ओर तेहरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इजरायल की 'सर्जिकल रणनीति' ने खामेनेई के सबसे करीबी सलाहकारों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.

सूत्रों की मानें तो इजरायल ने खामेनेई को सीधे निशाना बनाने की योजना भी बनाई थी, लेकिन अंतिम क्षणों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर रोक लगा दी. बावजूद इसके, खामेनेई की जान को खतरा बना हुआ है.

बंकर में छिपे खामेनेई, परिवार भी साथ

जानकारी के मुताबिक, 86 वर्षीय खामेनेई इन दिनों राजधानी तेहरान के उत्तर-पूर्वी इलाके लविज़ान में स्थित एक सीक्रेट अंडरग्राउंड बंकर में अपने परिवार समेत छिपे हुए हैं. उन्हें अंदेशा है कि इजरायल अब उनके करीबी सहयोगियों को खत्म कर उनके नेतृत्व ढांचे को कमजोर कर रहा है.

इजरायली हमले ने खामेनेई के 'कोर टीम' को किया तहस-नहस

बीते दिनों में इजरायली एयरस्ट्राइक ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कई शीर्ष अधिकारियों को मौत के घाट उतार दिया है:

  • जनरल होसैन सलामी
  • मिसाइल प्रोग्राम प्रमुख अमीर अली हाजीजादेह
  • खुफिया प्रमुख मोहम्मद काजेमी
  • खुफिया उपप्रमुख हसन मोहाकिक
  • सैन्य अधिकारी मोहसिन बाघेरी

इन हमलों से ईरान की रणनीतिक सोच और सैन्य फैसलों की रीढ़ टूट चुकी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई अब पहले से अधिक अकेले हो गए हैं और निर्णय लेने में बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.

ट्रंप का खुला दावा – "हमें पता है वो कहां हैं"

इस तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक चौंकाने वाला दावा किया. उन्होंने लिखा: “हमें बिल्कुल पता है कि तथाकथित सुप्रीम लीडर कहां छिपे हैं. वो आसान टारगेट हैं, लेकिन अभी हम उन्हें खत्म नहीं करेंगे – कम से कम अभी नहीं.”

ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका बिना शर्त सरेंडर चाहता है और ईरान द्वारा किसी भी मिसाइल हमले को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

“अली ज़ुल्फिकार के साथ खैबर लौटे हैं”

ईरान के सर्वोच्च नेता ने X पर एक प्रतीकात्मक लेकिन भड़काऊ संदेश जारी किया: “नामी के नाम पर युद्ध शुरू होता है. अली ज़ुल्फिकार के साथ खैबर लौटे हैं.” यह बयान ईरानी धार्मिक प्रतीकों से भरा हुआ है और इसे युद्ध का ऐलान माना जा रहा है.

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