Iran Warning America: ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने एक बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि अमेरिका में 9/11 जैसे हमले की साजिश रची जा सकती है और बाद में इसका आरोप ईरान पर लगाया जा सकता है. हालांकि इस दावे की किसी भी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है और फिलहाल इसे सोशल मीडिया पर चल रही एक थ्योरी के रूप में देखा जा रहा है.
अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जेफरी एप्सटीन से जुड़े नेटवर्क के कुछ लोग ऐसी योजना बना सकते हैं. उनके मुताबिक, इस कथित साजिश का उद्देश्य अमेरिका में 9/11 जैसा हमला करवाना और फिर उसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी भी तरह की आतंकी कार्रवाई का समर्थन नहीं करता और उसका अमेरिकी जनता से कोई युद्ध नहीं है.
9/11 हमले में गई थीं हजारों जानें
लारीजानी का यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर एक और बड़े हमले की अफवाहें फैल रही हैं. दुनिया के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक हमला 11 सितंबर 2001 को हुआ था.
उस दिन आतंकियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण कर लिया था. इनमें से दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारतों से टकराए थे, जबकि एक विमान Pentagon से टकराया था. इस हमले में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी.
I’ve heard that the remaining members of Epstein’s network have devised a conspiracy to create an incident similar to 9/11 and blame Iran for it. Iran fundamentally opposes such terrorist schemes and has no war with the American people.
— Ali Larijani | علی لاریجانی (@alilarijani_ir) March 15, 2026
सोशल मीडिया पर फैल रही नई थ्योरी
सोशल मीडिया पर चल रही एक थ्योरी में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में 9/11 जैसा हमला दोबारा हो सकता है. कुछ पोस्ट में कहा गया है कि इस बार निशाना यू.एस. बैंक टॉवर हो सकता है, जो लॉस एंजिल्स की एक ऊंची इमारत है.
कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस इमारत के मालिक लैरी सिल्वरस्टीन इस कथित साजिश में शामिल हो सकते हैं. इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि 9/11 हमलों के बाद उन्हें बीमा से लगभग 4.5 अरब डॉलर मिले थे.
आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालांकि इन सभी दावों की अब तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी या सरकार की ओर से पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल इन्हें सोशल मीडिया पर फैल रही साजिश से जुड़ी थ्योरी माना जा रहा है.
दूसरी ओर ईरान के अधिकारियों का कहना है कि अगर अमेरिका में भविष्य में कोई बड़ा आतंकी हमला होता है और उसका आरोप ईरान पर लगाया जाता है, तो यह पहले से रची गई योजना भी हो सकती है.
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