Sejjil Ballistic Missiles: ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच रविवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया. ईरान ने पहली बार इजरायल के शहर तेल अवीव को निशाना बनाते हुए Sejjil ballistic missile का इस्तेमाल किया. ईरान के अनुसार यह मिसाइल अब तक के युद्ध में पहली बार दागी गई है, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई और कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे.
कई तरह की मिसाइलों से किया हमला
ईरान की सैन्य शाखा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि हमले में सिर्फ सेज्जिल मिसाइल ही नहीं, बल्कि खोर्रमशहर मिसाइल का भी इस्तेमाल किया गया. खोर्रमशहर एक भारी बैलिस्टिक मिसाइल मानी जाती है, जो लगभग 2 टन तक का वारहेड ले जा सकती है.
इसके अलावा ईरान ने ख़ैबर शेकन मिसाइल, क़द्र मिसाइल और इमाद मिसाइल भी दागने का दावा किया है. इन मिसाइलों का निशाना इजरायल के सैन्य ठिकाने, एयर डिफेंस सिस्टम और कुछ शहरी इलाके बताए गए हैं.
ESCALATION ‼️
— Mossad Commentary (@MOSSADil) March 15, 2026
The Revolutionary Guards: For the first time in an operation – we launched a Sejjil missile toward Israel.
The Sejjil (also spelled Sajil) is a two-stage solid-fuel medium-range ballistic missile (MRBM) developed by Iran. It is considered one of the most advanced… pic.twitter.com/pPHjZ3Gb4U
हमलों के बाद तेल अवीव, बेर्शेबा और आसपास के क्षेत्रों में अलार्म बजने लगे. ईरान ने इन हमलों को अपने ऑपरेशन ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस की अलग-अलग वेव का हिस्सा बताया है, जिसमें क्लस्टर वारहेड और मल्टी-वारहेड मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया.
एयर डिफेंस सिस्टम को दी चुनौती
ईरान का दावा है कि इजरायल ने इन हमलों को रोकने के लिए अपने कई एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया. इनमें आयरन डोम, डेविड स्लिंग, एरो मिसाइल रक्षा प्रणाली के साथ अमेरिका का THAAD और पैट्रियट मिसाइल प्रणाली भी शामिल हैं. ईरान के अनुसार कई मिसाइलें इन सुरक्षा प्रणालियों को पार कर अपने लक्ष्यों तक पहुंच गईं, जिससे कुछ इमारतों, नागरिक क्षेत्रों और सैन्य ठिकानों को नुकसान हुआ.
सेज्जिल मिसाइल क्यों मानी जाती है खतरनाक
सेज्जिल ईरान की सबसे उन्नत मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक मानी जाती है. यह दो-चरण वाली सॉलिड-फ्यूल मिसाइल है, जो तेज गति और लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता रखती है.
इसकी अनुमानित रेंज करीब 2,000 से 2,500 किलोमीटर तक बताई जाती है, जिससे यह इजरायल के अलावा यूरोप के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच सकती है. यह लगभग 500 से 1,500 किलोग्राम तक का वारहेड ले जा सकती है, जिसमें हाई-एक्सप्लोसिव या क्लस्टर वारहेड शामिल हो सकते हैं.
करीब 18 मीटर लंबी और लगभग 23,600 किलोग्राम वजनी यह मिसाइल मैक 4 से 5 की गति से उड़ सकती है. सॉलिड-फ्यूल तकनीक होने के कारण इसे बहुत कम समय में लॉन्च किया जा सकता है और इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
सटीकता और मोबाइल लॉन्च सिस्टम
सेज्जिल मिसाइल इनर्शियल और जीपीएस आधारित गाइडेंस सिस्टम से लैस होती है, जिससे इसकी सटीकता काफी अधिक मानी जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार इसका सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) लगभग 50 मीटर से कम हो सकता है. इसे ट्रांसपोर्टर-इरेक्टर-लॉन्चर (TEL) वाहन से दागा जा सकता है, जिससे इसे आसानी से छिपाकर अलग-अलग स्थानों से लॉन्च करना संभव होता है.
क्यों माना जाता है बड़ा खतरा
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार सॉलिड-फ्यूल और हाई-स्पीड के कारण इस मिसाइल का लॉन्च समय बहुत कम होता है. इससे विरोधी देश को प्रतिक्रिया देने का समय कम मिल पाता है.
इसके अलावा इसकी गति और मैन्यूवरेबिलिटी कई एयर डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती पैदा कर सकती है. अगर भविष्य में इसमें परमाणु वारहेड लगाया जाए तो इसकी विनाशकारी क्षमता और भी बढ़ सकती है.
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