किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, लोकसभा में पेश हुआ NCDC बिल, जानें क्या मिलेगा फायदा

Cooperative Loans: सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए अब कर्ज और दूसरी वित्तीय मदद लेना आसान हो सकता है. सरकार ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम यानी NCDC के कामकाज का दायरा बढ़ाने के लिए सोमवार को लोकसभा में NCDC संशोधन विधेयक पेश किया.

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Cooperative Loans: सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए अब कर्ज और दूसरी वित्तीय मदद लेना आसान हो सकता है. सरकार ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम यानी NCDC के कामकाज का दायरा बढ़ाने के लिए सोमवार को लोकसभा में NCDC संशोधन विधेयक पेश किया. इस प्रस्तावित कानून का मकसद सहकारी क्षेत्र तक वित्तीय मदद को आसान और तेज बनाना है. 

नए नियम लागू होने के बाद NCDC सिर्फ सहकारी समितियों को ही नहीं, बल्कि सहकारी क्षेत्र से जुड़ी दूसरी योग्य संस्थाओं को भी सीधे लोन और अनुदान दे सकेगा. फिलहाल ऐसी संस्थाओं को NCDC से सीधे आर्थिक मदद लेने में कानूनी अड़चन आती है. नए विधेयक के बाद इस प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गई है.

बिना किसी बिचौलिए के मिल सकेगा लोन

प्रस्तावित कानून के तहत NCDC उन सहकारी समितियों और संस्थाओं को सीधे लोन या अनुदान दे सकेगा, जिनकी योजनाओं से सहकारी समितियों को फायदा पहुंचना है. इसके लिए NCDC जरूरत के हिसाब से सुरक्षा या गारंटी मांग सकता है.

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वित्तीय मदद के लिए हर बार राज्य सरकार या किसी दूसरी सहकारी संस्था को बीच में लाने की जरूरत नहीं होगी. इससे कर्ज मिलने की प्रक्रिया आसान और तेज हो सकती है.

डेयरी से लेकर मछली पालन तक को फायदा

मान लीजिए किसी दूध सहकारी समिति को दूध ठंडा रखने के लिए नया सेंटर बनाना है. इसी तरह किसी किसान सहकारी समिति को फसल के भंडारण या प्रोसेसिंग की सुविधा तैयार करनी है. मछली पालन और उसके कारोबार से जुड़ी सुविधाओं के लिए भी पैसे की जरूरत हो सकती है.

ऐसी परियोजनाओं में काम करने वाली योग्य संस्थाओं को सीधे NCDC से आर्थिक मदद मिलने का रास्ता खुल सकता है. इससे प्रोजेक्ट जल्द शुरू हो सकेंगे और सहकारी समितियों से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं.

सहकारी संस्थाओं में निवेश भी कर सकेगा NCDC

विधेयक में NCDC को सहकारी समितियों और सहकारी विकास से जुड़ी संस्थाओं की शेयर पूंजी में हिस्सा लेने का अधिकार देने का भी प्रस्ताव है. हालांकि, इसके लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होगी.

इस बदलाव के बाद NCDC की भूमिका केवल लोन देने तक सीमित नहीं रहेगी. जरूरत पड़ने पर वह किसी परियोजना में सीधे पूंजी भी लगा सकेगा. इससे बड़े सहकारी प्रोजेक्ट्स को आर्थिक मजबूती मिल सकती है.

चार साल में 2 हजार करोड़ रुपये की सरकारी मदद

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29 के बीच NCDC को कुल 2,000 करोड़ रुपये का अनुदान देने का फैसला किया है. सरकार का अनुमान है कि इस मदद के आधार पर NCDC करीब 20,000 करोड़ रुपये जुटा सकता है. इससे सहकारी क्षेत्र को ज्यादा कर्ज देने की उसकी क्षमता बढ़ेगी.

इससे सहकारी संस्थाओं को लंबे समय के प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ रोजमर्रा के कामकाज के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में भी मदद मिल सकती है. सरकार का फोकस सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने और उससे जुड़े किसानों, छोटे कारोबारियों और दूसरे सदस्यों तक वित्तीय मदद आसानी से पहुंचाने पर है.

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