Strait of Hormuz Crisis: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो तेल टैंकरों को रोक लिया है.
ईरान का कहना है कि इन जहाजों ने उसके निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अन्य जहाजों ने भी अपना रास्ता बदल लिया ताकि किसी तरह के खतरे से बचा जा सके.
ईरान ने क्या दावा किया?
IRGC के अनुसार, दोनों तेल टैंकर बिना अनुमति आगे बढ़ रहे थे और उन्हें कई बार चेतावनी दी गई थी. ईरान का कहना है कि चेतावनी के बावजूद जहाज नहीं रुके, इसलिए उन्हें अपने नियंत्रण में लिया गया. हालांकि इस पूरे मामले पर दूसरे पक्ष की ओर से अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं. फिलहाल स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है.
होर्मुज में बढ़ी सुरक्षा चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दुनिया के कई देशों तक पहुंचता है. ऐसे में इस तरह की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ जाती है. हाल के दिनों में इस इलाके में कई बार तनावपूर्ण घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
इजराइल ने दिया सख्त संदेश
इसी बीच इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कात्ज ने भी ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका किसी सैन्य कार्रवाई का फैसला करता है और मदद मांगता है, तो इजराइल उसका समर्थन करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल अपनी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर जवाब देने के लिए तैयार है.
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी जताई चिंता
इजराइली रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान अपनी सैन्य और परमाणु क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. उनका कहना है कि इजराइल इस स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने दोहराया कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी हमले का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा.
7 अक्टूबर के बाद बदली सुरक्षा रणनीति
इजराइल का कहना है कि 7 अक्टूबर के हमलों के बाद उसने अपनी सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया है. अब देश सिर्फ हमले का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि खतरा महसूस होने पर पहले कार्रवाई करने की रणनीति अपनाएगा.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की नजर अब अमेरिका, ईरान और इजराइल के अगले कदम पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की स्थिति और भी महत्वपूर्ण हो सकती है.
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