असम के कछार जिले के शिलचर शहर से एक ऐसा दर्दनाक हादसा सामने आया जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. एक नव-निर्मित मकान की पानी की टंकी की सफाई के दौरान शुरू हुआ सामान्य काम कुछ ही मिनटों में भयावह त्रासदी में बदल गया. एक व्यक्ति के बेहोश होने के बाद उसे बचाने के लिए लगातार तीन और लोग टंकी में उतरते गए, लेकिन कोई भी बाहर नहीं लौट सका. इस हादसे ने एक बार फिर बंद स्थानों में बिना सुरक्षा इंतजाम के काम करने के खतरों को उजागर कर दिया.
बचाव की कोशिश ही बन गई सबसे बड़ी वजह
यह घटना शिलचर के अरुणाचल कुमारपाड़ा इलाके की है, जहां पानी की टंकी की सफाई का कार्य किया जा रहा था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक सबसे पहले एक व्यक्ति टंकी के अंदर उतरा, लेकिन कुछ देर बाद उसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. उसे बचाने के इरादे से दूसरा व्यक्ति अंदर गया, फिर तीसरा और चौथा भी एक-एक कर नीचे उतर गए. आशंका जताई जा रही है कि टंकी के भीतर जहरीली गैस जमा थी या ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम था, जिसके कारण चारों लोग बेहोश हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
जान जोखिम में डालकर स्वयंसेवक ने बाहर निकाले शव
घटना की खबर फैलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. इसी दौरान एक आरएसएस स्वयंसेवक ने साहस का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना टंकी के अंदर प्रवेश किया और चारों शवों को बाहर निकाला. स्थानीय लोगों ने उसके इस साहसिक कदम की सराहना की. हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
पुलिस और SDRF ने शुरू की गहन जांच
सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए शिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी. साथ ही पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके.
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि टंकी की सफाई के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं. यदि लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि पानी की टंकियों, सेप्टिक टैंकों और अन्य बंद स्थानों में बिना सुरक्षा उपकरण, गैस जांच और पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था के प्रवेश न करें, क्योंकि ऐसी छोटी सी चूक भी कुछ ही पलों में जानलेवा हादसे का कारण बन सकती है.
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