ईरान का अबतक का सबसे तगड़ा वार... अमेरिकी युद्धपोत 'अब्राहम लिंकन' पर बरसाईं बैलिस्टिक मिसाइलें

USS Abraham Lincon Attacked: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार गहराता जा रहा है. हालात इस कदर गंभीर हो चुके हैं कि अब सीधे बड़े सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों को निशाना बनाए जाने के दावे सामने आ रहे हैं. 

Iran strongest attack so far Ballistic missiles fired at American warship Abraham Lincoln
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USS Abraham Lincon Attacked: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार गहराता जा रहा है. हालात इस कदर गंभीर हो चुके हैं कि अब सीधे बड़े सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों को निशाना बनाए जाने के दावे सामने आ रहे हैं. 

इसी कड़ी में ईरानी मीडिया ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका के शक्तिशाली युद्धपोत USS Abraham Lincoln (CVN-72) को निशाना बनाया गया है.

‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का दावा

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency (IRNA) और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के बयानों के हवाले से कहा गया है कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत यह कार्रवाई की गई. इस ऑपरेशन में ईरानी सशस्त्र बलों ने अमेरिकी और इजरायली लक्ष्यों को निशाना बनाने का दावा किया है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी सैन्य कार्रवाई के दौरान अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. यह दावा किया जा रहा है कि यह हमला रणनीतिक रूप से बेहद अहम था, क्योंकि यह युद्धपोत कथित तौर पर ईरान के खिलाफ चल रहे अभियानों में शामिल रहा है.

कितना अहम है ‘अब्राहम लिंकन’ युद्धपोत

USS Abraham Lincoln (CVN-72) अमेरिकी नौसेना का एक अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर है, जिसे दुनिया के सबसे ताकतवर युद्धपोतों में गिना जाता है. यह जहाज लंबी दूरी तक लड़ाकू विमान, मिसाइल और अन्य हथियारों को तैनात करने में सक्षम है और अक्सर बड़े सैन्य अभियानों में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है. अगर इस पर हमला होने की पुष्टि होती है, तो यह न केवल सैन्य बल्कि वैश्विक रणनीतिक स्तर पर भी एक बड़ा घटनाक्रम माना जाएगा.

अमेरिकी प्रतिक्रिया का इंतजार

हालांकि, ईरान की ओर से किए गए इन दावों पर अभी तक अमेरिका की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला वास्तव में कितना प्रभावी रहा या इससे किसी प्रकार का नुकसान हुआ है या नहीं.

बढ़ता तनाव और वैश्विक चिंता

मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों से यह आशंका भी बढ़ रही है कि यह टकराव और बड़े युद्ध का रूप ले सकता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस तरह के दावे सच साबित होते हैं, तो यह संघर्ष को और अधिक खतरनाक मोड़ पर ले जा सकता है.

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