Financial Rules: 1 मार्च के साथ ही वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना शुरू हो गया है और इसके साथ कई अहम वित्तीय बदलाव लागू हो गए हैं. भारतीय रिज़र्व बैंक, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया और बजट 2026-27 से जुड़े नए नियम आम लोगों की रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों को प्रभावित करेंगे. बैंकिंग समय से लेकर टैक्स रिटर्न, निवेश कॉल्स की पहचान, FASTag और ईंधन की कीमतों तक, इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब और फाइनेंशियल प्लानिंग पर पड़ने वाला है.
31 मार्च को भी खुले रहेंगे बैंक
वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी एजेंसी बैंकों को 31 मार्च 2026 को खुले रखने का निर्देश दिया है. हालांकि इस दिन महावीर जयंती का सार्वजनिक अवकाश रहेगा, फिर भी टैक्स कलेक्शन और सरकारी लेनदेन को समय पर पूरा करने के लिए बैंक शाखाएं चालू रहेंगी. इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी वित्तीय लेनदेन समय पर दर्ज हो सकें और साल के अंत में किसी तरह की परेशानी न हो.
‘1600’ सीरीज से आएंगी स्टॉक मार्केट कॉल्स
फाइनेंशियल फ्रॉड और विशिंग (फोन के जरिए धोखाधड़ी) पर लगाम लगाने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने नया नियम लागू किया है. इसके तहत सभी योग्य स्टॉक ब्रोकर्स को 15 मार्च 2026 तक ‘1600’ नंबर सीरीज में शिफ्ट होना होगा.
इस बदलाव का मकसद निवेशकों को असली और फर्जी कॉल्स में फर्क समझने में मदद देना है. अगर इस तारीख के बाद किसी सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से निवेश या ट्रेडिंग से जुड़ी कॉल आती है, तो सतर्क रहना जरूरी है क्योंकि वह धोखाधड़ी हो सकती है.
इनकम टैक्स रिटर्न सुधारने के लिए समय
यूनियन बजट 2026-27 के तहत टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी गई है. अब संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) भरने की अंतिम तारीख 31 मार्च कर दी गई है. पहले यह समयसीमा 31 दिसंबर तक सीमित थी.
इस बदलाव से करदाताओं को अपनी फाइलिंग में हुई गलतियों को सुधारने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा. मामूली शुल्क के साथ आप अपने रिटर्न को अपडेट कर सकते हैं और संभावित जुर्माने या जांच से बच सकते हैं.
FASTag नियम हुए आसान
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने FASTag से जुड़े नियमों में राहत दी है. अब “Know Your Vehicle” (KYV) प्रक्रिया को अनिवार्य नहीं रखा गया है.
इसका मतलब है कि मौजूदा FASTag यूजर्स को बार-बार वेरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं होगी, जब तक कोई विशेष शिकायत न हो. इसके अलावा 3 मार्च 2026 से कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर FASTag के लिए अलग सब-वॉलेट सुविधा भी शुरू हो रही है, जिससे टोल खर्च को अलग मैनेज करना आसान होगा.
कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा
तेल कंपनियों, खासकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भले कोई बदलाव नहीं किया हो, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर लगातार तीसरे महीने महंगे हो गए हैं.
इस बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर पड़ेगा, जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव आम लोगों पर भी पड़ सकता है.
जेट फ्यूल महंगा, बढ़ सकते हैं हवाई किराए
मार्च की शुरुआत में एविएशन सेक्टर को भी झटका लगा है. जेट फ्यूल की कीमतों में 5 से 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो साल 2026 की पहली बढ़ोतरी है.
चेन्नई में जेट फ्यूल के दाम 1 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गए हैं. चूंकि एयरलाइंस के कुल ऑपरेटिंग खर्च का बड़ा हिस्सा ईंधन पर निर्भर करता है, इसलिए आने वाले समय में फ्लाइट टिकट महंगे होने की संभावना है.
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