Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana: हर माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं, खासकर तब जब परिवार में नया सदस्य आने वाला हो. गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे की देखभाल बेहद जरूरी होती है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की, ताकि महिलाओं को आर्थिक मदद मिल सके और उनका स्वास्थ्य बेहतर बना रहे.
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत वर्ष 2017 में की गई थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे अपनी सेहत और पोषण का बेहतर ध्यान रख सकें. यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं के लिए मददगार है, जिन्हें गर्भावस्था के दौरान काम करने में दिक्कत होती है और आय का स्रोत प्रभावित होता है.
पहली संतान पर मिलने वाली सहायता
इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को कुल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि महिला गर्भावस्था के दौरान जरूरी जांच और पोषण का ध्यान रख सके.
दो चरणों में मिलती है रकम
योजना के तहत दी जाने वाली राशि को दो हिस्सों में बांटा गया है. पहली किश्त गर्भावस्था के पंजीकरण और कम से कम एक स्वास्थ्य जांच के बाद दी जाती है, जिससे महिला शुरुआती समय में अपनी देखभाल कर सके. दूसरी किश्त बच्चे के जन्म के बाद दी जाती है, ताकि प्रसव के बाद भी मां और बच्चे की जरूरतें पूरी हो सकें.
दूसरी संतान पर खास शर्त
अगर किसी महिला की दूसरी संतान बेटी होती है, तो उसे अतिरिक्त लाभ दिया जाता है. इस स्थिति में सरकार की ओर से 6000 रुपये की सहायता एकमुश्त दी जाती है. यह पहल बेटियों को प्रोत्साहित करने और लैंगिक संतुलन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.
कौन ले सकता है योजना का लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए. साथ ही परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा आवेदन प्रक्रिया को बच्चे के जन्म के 270 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य है.
आवेदन की प्रक्रिया क्या है
योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं. इच्छुक महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं. वहीं, जो महिलाएं ऑनलाइन सुविधा का उपयोग नहीं कर पातीं, वे नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर भी आवेदन कर सकती हैं.
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत
आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जिनमें आधार कार्ड (जो बैंक खाते से लिंक हो), बैंक पासबुक, राशन कार्ड या आय प्रमाण पत्र और मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन (MCP) कार्ड शामिल हैं. ये दस्तावेज लाभार्थी की पहचान और पात्रता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी होते हैं.
मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर फोकस
इस योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि गर्भवती महिलाएं समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं, सही पोषण लें और सुरक्षित प्रसव हो. इससे मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य में सुधार होता है और भविष्य में होने वाली समस्याओं को कम किया जा सकता है.
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