डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि यह युद्ध लगभग चार हफ्ते तक चल सकता है. ट्रंप के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य ईरान की शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करना है. उन्होंने यह भी दावा किया कि यह ऑपरेशन तय समय से पहले और तेजी से आगे बढ़ रहा है.
ट्रंप ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत से ही इसे चार हफ्तों के भीतर पूरा करने की योजना बनाई गई थी. उन्होंने बताया कि ईरान भौगोलिक रूप से बड़ा देश है, इसलिए वहां सैन्य कार्रवाई में समय लगना स्वाभाविक है.
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हालात के अनुसार युद्ध लंबा भी खिंच सकता है और आगे और नुकसान की संभावना बनी हुई है.
ईरान को भारी नुकसान होने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, अब तक ईरान के 48 शीर्ष अधिकारी मारे जा चुके हैं. इसके अलावा 9 युद्धपोतों के नष्ट होने का भी दावा किया गया है.
ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य कमान को बड़ा झटका लगा है, जिससे अमेरिका को रणनीतिक बढ़त मिल रही है.
अमेरिका को भी नुकसान, 3 सैनिकों की मौत
इस संघर्ष में अमेरिका को भी नुकसान झेलना पड़ा है. ट्रंप के अनुसार, अब तक 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
बताया गया कि ये सैनिक कुवैत में हुए हमले में घायल हुए थे. अमेरिकी सेना ने कहा है कि शहीद सैनिकों की जानकारी परिवार को सूचित करने के बाद सार्वजनिक की जाएगी.
‘लक्ष्य पूरा होने तक जारी रहेगा अभियान’
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी ताकत के साथ अभियान चला रही है और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते.
फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो आवास से जारी संदेश में उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य शक्ति दुनिया में सबसे मजबूत है और अब इसका इस्तेमाल बड़े उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है.
मार-ए-लागो से हो रही निगरानी
ट्रंप ने अपने निजी आवास मार-ए-लागो में एक विशेष नियंत्रण कक्ष तैयार किया है, जहां से वे पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, यहीं से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है.
सत्ता परिवर्तन के लिए ‘वेनेजुएला मॉडल’
ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए ‘वेनेजुएला मॉडल’ अपनाया जा सकता है. उनका मानना है कि यह तरीका पहले भी कारगर साबित हुआ है और यहां भी लागू हो सकता है.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय ईरान की जनता पर निर्भर करेगा कि वे अपनी सरकार बदलना चाहते हैं या नहीं.
नई सरकार के लिए तीन विकल्प
जब उनसे पूछा गया कि ईरान में नई सरकार किसके नेतृत्व में बनेगी, तो उन्होंने कहा कि उनके पास तीन मजबूत विकल्प हैं, लेकिन उन्होंने नाम बताने से इनकार कर दिया.
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लोग लंबे समय से बदलाव की बात कर रहे हैं और अब उनके पास अवसर है.
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