परमाणु ठिकानों पर बढ़ाई सुरक्षा, मिट्टी डालकर सील किया एंट्री गेट... ट्रंप की धमकी से खौफ में ईरान

अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका के बीच ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों की सुरक्षा को लेकर कदम तेज कर दिए हैं.

Iran in fear of Trumps threat Security increased at nuclear bases
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तेहरान: अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका के बीच ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों की सुरक्षा को लेकर कदम तेज कर दिए हैं. बीते 24 घंटों में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि ईरान के इस्फहान स्थित प्रमुख परमाणु केंद्र पर गतिविधियां अचानक बढ़ गई हैं. यह वही ठिकाना है, जिस पर पिछले साल अमेरिकी हमले में भारी नुकसान हुआ था.

सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से पता चलता है कि इस्फहान न्यूक्लियर फैसिलिटी के आसपास जमीन पर बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं. कई जगहों पर ताजा मिट्टी डाली गई है और मशीनरी की आवाजाही के संकेत मिले हैं. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह सब किसी सामान्य मरम्मत का हिस्सा नहीं, बल्कि सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है.

अंडरग्राउंड एंट्री गेट को मिट्टी से किया बंद

इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अपने अंडरग्राउंड परमाणु परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार को एक बार फिर पूरी तरह मिट्टी से भर दिया है. इसके अलावा दक्षिणी प्रवेश मार्ग पर भी भारी मात्रा में मिट्टी डाली जा रही है, जिससे सुरंगों तक पहुंच पूरी तरह अवरुद्ध हो जाए.

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कदम आमतौर पर तब उठाए जाते हैं जब किसी बड़े हमले की आशंका हो.

संभावित अमेरिकी हमले से बचाव की तैयारी

माना जा रहा है कि ईरान यह कदम अमेरिका की ओर से मिल रही कड़ी चेतावनियों और डोनाल्ड ट्रंप के सख्त बयानों के बाद उठा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, इस सुरक्षा कवच का मुख्य उद्देश्य करीब 408 किलो संवर्धित यूरेनियम वाले स्टोरेज को किसी भी हवाई या मिसाइल हमले से बचाना है.

ईरान अपने सबसे संवेदनशील परमाणु संसाधनों को जमीन के भीतर छिपाकर उन्हें लगभग अभेद्य बनाने की कोशिश कर रहा है.

पहले खोले गए थे रास्ते, अब किए गए सील

जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले इंजीनियरिंग और मरम्मत कार्यों के लिए इन अंडरग्राउंड प्रवेश द्वारों को अस्थायी रूप से खोला गया था. उसी दौरान सुरंगों को अत्यधिक मजबूत कंक्रीट से तैयार किया गया, ताकि किसी भी संभावित हमले की स्थिति में नुकसान कम से कम हो.

अब काम पूरा होते ही इन रास्तों को दोबारा पूरी तरह बंद कर दिया गया है.

यूरेनियम स्टोरेज को बनाया जा रहा ‘किले’ जैसा

ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के दीर्घकालिक भंडारण को लेकर बेहद सतर्क हो गया है. पूरे इलाके में सुरक्षा के कई स्तर बनाए जा रहे हैं. अंडरग्राउंड सुरंगें, मोटी कंक्रीट की दीवारें और सीमित प्रवेश मार्ग इन सबका मकसद किसी भी बाहरी हमले को विफल करना है.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह रणनीति इस बात की ओर इशारा करती है कि ईरान आने वाले समय में खतरे को काफी गंभीर मान रहा है.

जमीन के ऊपर की इमारत में भी हलचल

सैटेलाइट तस्वीरों में यह भी सामने आया है कि इस्फहान परिसर में मौजूद उस इमारत में भी गतिविधियां चल रही हैं, जहां पहले सेंट्रीफ्यूज बनाए जाते थे. इस इमारत में फिर से काम शुरू होना अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है.

क्या होता है सेंट्रीफ्यूज?

सेंट्रीफ्यूज ऐसी मशीन होती है, जिसका इस्तेमाल यूरेनियम को संवर्धित करने के लिए किया जाता है. जितना ज्यादा यूरेनियम संवर्धित होता है, उतना ही वह परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंचता है. यही वजह है कि सेंट्रीफ्यूज से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर दुनिया की नजर रहती है.

अमेरिका-इजरायल ने किए थे हमले

पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए हमले किए थे. इन हमलों में नतांज, फोर्दो और इस्फहान के परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचा था.

अमेरिका और इजरायल का आरोप है कि ईरान नागरिक परमाणु कार्यक्रम की आड़ में परमाणु हथियार बनाने की दिशा में बढ़ रहा है.

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