Iran Attacks UAE: शांति के बाद मिडिल ईस्ट में फिर लगी आग! ईरान ने UAE पर मिसाइल और ड्रोन से किया हमला

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है. करीब 30 दिनों की शांति के बाद ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर बड़ा हमला किया है.

Iran attacked UAE with missiles and drones War again in the Middle East
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Iran Attacks UAE: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है. करीब 30 दिनों की शांति के बाद ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर बड़ा हमला किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने यूएई की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और ड्रोन दागे. हमले के बाद यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गए और कई मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया.

यूएई की नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. एजेंसी ने कहा कि लोग केवल सरकारी और आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें.

अमेरिका-ईरान तनाव के बाद फिर भड़का संकट

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब एक रात पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच मिसाइल टकराव की खबरें सामने आई थीं. इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है.

इससे पहले सोमवार को भी ईरान ने यूएई को निशाना बनाते हुए 15 मिसाइलें और 4 ड्रोन दागे थे. उस हमले की दुनिया भर के कई देशों ने आलोचना की थी. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वैश्विक नेताओं ने यूएई पर हुए हमले की निंदा की थी और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की थी.

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को सीजफायर समझौता हुआ था. इसके बाद लगभग एक महीने तक हालात अपेक्षाकृत शांत रहे, लेकिन अब एक बार फिर मिडिल ईस्ट में संघर्ष का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है.

रिकॉर्ड जुटाने के लिए UAE ने बनाई विशेष कमेटी

ईरानी हमलों के बाद यूएई सरकार ने नुकसान का पूरा आकलन करने के लिए एक विशेष कमेटी गठित की है. इस कमेटी का उद्देश्य हमलों में हुए जान-माल के नुकसान, संपत्ति की तबाही और तकनीकी सबूतों को इकट्ठा करना होगा.

सरकारी समाचार एजेंसी WAM के मुताबिक, इस कमेटी की अगुवाई यूएई के अटॉर्नी जनरल करेंगे. इसमें कई मंत्रालयों और सरकारी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है. जरूरत पड़ने पर विदेशी विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी.

कमेटी हमलों से जुड़ी तस्वीरें, तकनीकी रिपोर्ट, सुरक्षा रिकॉर्ड और अन्य सबूत एकत्र करेगी. बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर यूएई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग कर सकता है.

2000 से ज्यादा ड्रोन दागने का दावा

यूएई का दावा है कि हालिया संघर्ष के दौरान ईरान ने 2000 से अधिक ड्रोन, सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और कई क्रूज मिसाइलें दागीं. हालांकि, एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया, लेकिन कुछ हमलों से गंभीर नुकसान भी हुआ.

यूएई के अनुसार इन हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. कई महत्वपूर्ण तेल और ऊर्जा प्रतिष्ठानों के अलावा अन्य रणनीतिक इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है.

ईरान से मुआवजे की मांग करेगा UAE

यूएई पहले भी ईरान से हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार करने और नुकसान की भरपाई करने की मांग कर चुका है. अब नई कमेटी इंसानी, आर्थिक और संपत्ति से जुड़े सभी नुकसान का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करेगी.

यूएई का कहना है कि इन सबूतों के आधार पर वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आगे की कार्रवाई करेगा. इसके साथ ही यूएई ने ईरान के उन बयानों पर भी नाराजगी जताई है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका के साथ यूएई का रक्षा सहयोग ईरान की सुरक्षा के खिलाफ है.

यूएई विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि किसी भी देश के साथ सुरक्षा और रक्षा सहयोग करना उसका संप्रभु अधिकार है और इसे किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं माना जाना चाहिए.

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