Iran-America Tension: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ता जा रहा है. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों का जवाब दिया है. खामेनेई ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर ईरान पर दबाव डाला गया, तो वह अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बना सकता है. इस बयान के बाद, खाड़ी क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है. आइए जानते हैं कि ईरान के पास कौन सी ताकतवर तकनीकें हैं, जिनके दम पर वह अमेरिका की नौसैनिक ताकत को चुनौती दे सकता है.
ईरान की अमेरिका को सख्त चेतावनी
अमेरिका ने हाल के दिनों में ईरान पर दबाव बनाने के लिए अपने दो बड़े युद्धपोत खाड़ी क्षेत्र में तैनात किए हैं. इसका उद्देश्य ईरान को धमकाना और उसे अपनी सैन्य शक्ति का अहसास कराना था. लेकिन ईरान ने इसका जवाब देने के लिए खामेनेई के नेतृत्व में अपनी शक्ति का इजहार किया है. उनका कहना है कि ईरान के पास ऐसे अत्याधुनिक हथियार हैं, जो अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की क्षमता रखते हैं. यह बयान केवल एक धमकी नहीं, बल्कि ईरान के रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर रणनीतिक तैयारी का संकेत है.
क्या है ईरान कैरियर किलर तकनीक?
ईरान के पास जो ताकतवर हथियार हैं, उन्हें "कैरियर किलर" तकनीक के तहत माना जाता है. इस तकनीक का उद्देश्य समुद्र में चल रहे बड़े युद्धपोतों या एयरक्राफ्ट कैरियर को सटीक रूप से निशाना बनाना है. खामेनेई ने इस तकनीक का उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि ईरान ने ऐसी रणनीति तैयार की है, जिससे वह इन विशाल जहाजों को नष्ट कर सकता है.
खलीज फारस मिसाइल की ताकत
ईरान की खलीज फारस मिसाइल को एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में जाना जाता है. यह मिसाइल अपनी गति में अविश्वसनीय है, क्योंकि इसकी रफ्तार आवाज की गति से तीन गुना ज्यादा होती है. यह मिसाइल समुद्र में चल रहे बड़े युद्धपोतों या एयरक्राफ्ट कैरियर्स को सटीक तरीके से निशाना बना सकती है, और इसे रोकना बेहद मुश्किल माना जाता है. इस मिसाइल की खासियत यही है कि इसे खोजना और नष्ट करना बहुत चुनौतीपूर्ण है.
हौत टॉरपीडो की खासियत
ईरान के पास हौत नाम का एक अत्याधुनिक टॉरपीडो भी है, जो पानी के अंदर गति की दृष्टि से बहुत शक्तिशाली है. इसकी गति लगभग 360 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो सामान्य टॉरपीडो से कई गुना अधिक है. इस टॉरपीडो की तेज़ी और उन्नत तकनीक इसे किसी भी नौसेना के लिए एक बड़ी चुनौती बना देती है. इसकी गति और दिशा को बदलने की क्षमता उसे बेहद खतरनाक बनाती है.
ड्रोन और स्वार्म टेक्नोलॉजी क्या है?
ईरान के पास शाहिद और अबाबिल जैसे आत्मघाती ड्रोन भी हैं, जो किसी भी युद्धपोत या सैन्य ठिकाने पर हमला करने में सक्षम हैं. खामेनेई ने जिस रणनीति का उल्लेख किया है, उसमें इन ड्रोन के साथ-साथ छोटी नावों का भी समावेश हो सकता है. अगर एक साथ कई छोटे हमले किए जाएं, तो किसी भी बड़े युद्धपोत के लिए उन हमलों से बचाव करना कठिन हो सकता है. यह रणनीति ईरान को एक नई सैन्य शक्ति प्रदान करती है, जो बहुत प्रभावशाली साबित हो सकती है.
हाइपरसोनिक मिसाइल फत्ताह
ईरान ने हाल ही में फत्ताह नाम की एक हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था. दावा किया गया है कि यह मिसाइल किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम को भेद सकती है. खामेनेई का इशारा इस नई मिसाइल प्रणाली की ओर था, और उनका संदेश यह था कि अगर अमेरिका अपनी नौसैनिक ताकत का इस्तेमाल करेगा, तो ईरान भी अपनी नई और शक्तिशाली तकनीक से जवाब देने के लिए तैयार है.
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