अब फ्लाइट में बदसलूकी करने वालों की खैर नहीं! डीजीसीए ने जारी किए नए नियम

भारत में हवाई यात्रा के दौरान बदसलूकी करने वाले यात्रियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी. भारत के विमानन नियामक, DGCA (Directorate General of Civil Aviation), ने 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' लागू करने का फैसला लिया है.

zero tolerance policy against in-flight misbehaviour DGCA issued new rules
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नई दिल्ली: भारत में हवाई यात्रा के दौरान बदसलूकी करने वाले यात्रियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी. भारत के विमानन नियामक, DGCA (Directorate General of Civil Aviation), ने 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' लागू करने का फैसला लिया है. इसका मुख्य उद्देश्य हवाई जहाज, यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उड़ान के दौरान अनुशासन बनाए रखना है. इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि अब हवाई यात्रा में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

DGCA के नए ड्राफ्ट नियम 

DGCA ने इस संबंध में नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं, जिनके तहत एयरलाइंस को बदसलूकी के मामलों से निपटने के लिए स्पष्ट और सख्त प्रक्रिया विकसित करनी होगी. इन नियमों के तहत एयरलाइंस को अब एयरपोर्ट और विमान दोनों जगह एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाने का निर्देश दिया गया है. इस SOP के माध्यम से एयरलाइंस के कर्मचारियों, विशेष रूप से उन कर्मचारियों को, जिन्हें यात्रियों से सीधे संपर्क होता है, यह सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को समय रहते पहचान सकें और उचित कदम उठा सकें.

इसके साथ ही, एयरलाइंस को चेक-इन काउंटर, लाउंज, बोर्डिंग गेट या अन्य किसी भी स्थान पर अगर बदसलूकी का कोई संकेत मिलता है, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करना होगा. इन मामलों में तत्काल कार्रवाई के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री को उड़ान भरने से रोका जा सके.

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सख्त नियम

DGCA के नए ड्राफ्ट नियमों में यह भी कहा गया है कि गृह मंत्रालय, DGCA और एयरलाइंस को उन लोगों की एक सूची प्रदान कर सकता है, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में माना जाता है. ये नाम नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल किए जाएंगे, लेकिन यह सूची सार्वजनिक नहीं की जाएगी. इन मामलों में कोई अपील का प्रावधान नहीं होगा, और जब तक गृह मंत्रालय किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में मानता रहेगा, तब तक उस व्यक्ति के उड़ान भरने पर प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा, कानून प्रवर्तन एजेंसियां अपनी तय प्रक्रिया के अनुसार अलग से कार्रवाई कर सकती हैं.

यात्री अधिकारों और अनुशासन का संतुलन

DGCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि बदसलूकी कभी-कभी खराब सेवा या निरंतर असंतोषजनक घटनाओं के कारण हो सकती है. इसलिए एयरलाइंस को यह सलाह दी गई है कि वे शुरुआती संकेतों पर ध्यान दें और स्थिति बिगड़ने से पहले ही कदम उठाएं. इसके अलावा, यह भी कहा गया है कि किसी भी हालात में एयरलाइन स्टाफ या क्रू सदस्य को असभ्य व्यवहार नहीं करना चाहिए, विशेष रूप से तब जब यात्री अपनी उचित शिकायत व्यक्त कर रहा हो.

चार स्तरों में बांटा गया अनुशासनहीन व्यवहार

लेवल 1: शारीरिक इशारे करना, गाली-गलौज करना, नशे में हंगामा करना.
लेवल 2: धक्का देना, मारना, अनुचित स्पर्श या यौन उत्पीड़न जैसी हरकतें.
लेवल 3: जानलेवा व्यवहार, जैसे विमान के सिस्टम को नुकसान पहुंचाना, गला दबाना या जानलेवा हमला करना.
लेवल 4: पायलट के केबिन में घुसने की कोशिश या उसमें जबरन प्रवेश करना.

सम्भावित दंड और नियमों का वैश्विक प्रभाव

ये नए नियम केवल भारत के भीतर ही लागू नहीं होंगे, बल्कि भारत से बाहर जाने वाली और भारत में आने वाली सभी उड़ानों पर भी इनका प्रभाव पड़ेगा. इसका मतलब है कि अगर कोई विदेशी एयरलाइन भारत से उड़ान भर रही है या भारत के लिए उड़ान भर रही है और वह कोई अनुशासनहीनता की घटना रिपोर्ट करती है, तो यह नीति उस पर भी लागू होगी.

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