नई दिल्ली: मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि फ्रांस भारत से पिनाका रॉकेट लॉन्चर प्रणाली खरीद सकता है, जबकि भारत फ्रांस से राफेल जैसे महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण खरीदेगा. यह बयान उस वक्त आया है जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत यात्रा पर हैं. पिनाका, जो भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया एक अत्याधुनिक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) सिस्टम है, ने भारतीय सेना की सामरिक क्षमता को नए आयाम दिए हैं. आइए जानते हैं, पिनाका प्रणाली क्या है, इसके फायदे क्या हैं और क्यों फ्रांस इसे अपने रक्षा कार्यक्रम में शामिल करना चाहता है.
पिनाका: भारतीय स्वदेशी रक्षा समाधान
पिनाका का नाम भगवान शिव के धनुष "पिनाक" के नाम पर रखा गया है, जो भारतीय सैन्य रणनीति में अत्यधिक महत्वपूर्ण हथियार प्रणाली बन चुकी है. यह प्रणाली दुश्मन के ठिकानों को तीव्र गति से नष्ट करने, बड़े क्षेत्र में प्रभावी प्रहार करने और भारी फायरपावर प्रदान करने में सक्षम है. इसे पूरी तरह से मेक इन इंडिया के तहत विकसित किया गया है और इसका उपयोग भारतीय सेना की युद्धक क्षमता को मजबूती देने में हो रहा है.

पिनाका के विभिन्न संस्करण
पिनाका Mk-I: इसकी रेंज 3745 किलोमीटर है और यह 44 सेकंड में 12 रॉकेट लॉन्च कर सकता है.
पिनाका Mk-II: इसमें रेंज 6075 किलोमीटर है और यह बेहतर नेविगेशन, उच्च-प्रिसिजन और विस्फोटक क्षमता के साथ आता है.
गाइडेड पिनाका: इसकी रेंज 7590 किलोमीटर है, और GPS/INS आधारित गाइडेंस के जरिए यह टार्गेट पर सटीक प्रहार कर सकता है.
पिनाका की विशेषताएँ
पिनाका प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता है इसकी अत्यधिक क्षेत्रीय विनाश क्षमता. एक बैटरी में छह लॉन्चर होते हैं, और हर लॉन्चर में 12 रॉकेट होते हैं. इसका मतलब है कि एक बैटरी 72 रॉकेट महज 44 सेकंड में दाग सकती है, जो एक फुटबॉल स्टेडियम जितने बड़े क्षेत्र को नष्ट करने की क्षमता रखती है. इसके अलावा, पिनाका की तेजी से तैनाती और रिलोकेशन क्षमता भी इसे बेहद प्रभावी बनाती है, जिससे यह दुश्मन के रडार और काउंटर बैटरी फायर से बचाव करने में मदद करता है.

स्वदेशी पिनाका और फ्रांस का रॉकेट सिस्टम
फ्रांस के पास भी रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम है, लेकिन पिनाका जैसी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर प्रणाली उसकी रक्षा तकनीक में नहीं है. फ्रांस की प्रणाली Lance-Roquettes Unitaire है, जो अमेरिकी M270 MLRS का यूरोपीय वेरिएंट है. इसकी रेंज लगभग 70 किलोमीटर है और यह काफी महंगा है. वहीं, पिनाका की रेंज अधिक है और यह कम लागत में उपलब्ध है. इसका मोबाइल और स्वचालित सिस्टम इसे कई विदेशी प्रणालियों से बेहतर बनाता है.
पिनाका की वैश्विक स्वीकार्यता और निर्यात
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में पिनाका को वैश्विक बाजार में सक्रिय रूप से प्रस्तुत किया है और कई देशों ने इसे खरीदने में रुचि दिखाई है. इनमें अर्मेनिया, फिलीपींस, सऊदी अरब, UAE, कतर, केन्या, नाइजीरिया जैसे देश शामिल हैं. पिनाका का मूल्य और प्रदर्शन इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है. अब, फ्रांस जैसे यूरोपीय देश भी इसे खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं, जो भारत के रक्षा उद्योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है.
फ्रांस की पिनाका में रुचि
फ्रांस के रक्षा कार्यक्रम में पिनाका जैसी प्रणाली की रुचि भारतीय रक्षा उद्योग की शक्ति और आत्मनिर्भरता को दर्शाती है. फ्रांस द्वारा पिनाका को खरीदने या संयुक्त उत्पादन पर सहमति देने का मतलब होगा कि भारत की रक्षा स्वावलंबन को एक और बड़ी सफलता मिलेगी. इसके साथ ही, यह दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा संबंधों को और भी प्रगाढ़ करेगा.
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