US-Iran Talks: ईरान ने कहा है कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ कुछ मुख्य “गाइडिंग प्रिंसिपल्स” पर सहमति बनी है. हालांकि हालात पूरी तरह शांत नहीं हैं और जंग का खतरा अभी टला नहीं माना जा रहा है. एक इजराइली अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिका ने इजराइल को बताया है कि इन वार्ताओं से कोई खास नतीजा नहीं निकल रहा.
जिनेवा में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत
स्विट्जरलैंड के जिनेवा में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई. अमेरिका की ओर से कहा गया कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है. वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने माना कि आगे अभी और काम करने की जरूरत है.
मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में खत्म हुई और दोनों पक्षों ने साझा लक्ष्यों और जरूरी तकनीकी मुद्दों की पहचान करने में प्रगति की है.
इजराइली अधिकारी का दावा
एक इजराइली अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिका ने इजराइल को बताया कि ईरान के साथ बातचीत का कोई फायदा नहीं है और युद्ध ही एकमात्र विकल्प हो सकता है. अधिकारी के अनुसार, जिनेवा में सिर्फ कागजों का आदान-प्रदान हुआ और ईरान ने अमेरिकी शर्तों को नहीं माना.
अधिकारी ने यह भी कहा कि ईरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की किसी भी शर्त को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है. इन कूटनीतिक कोशिशों के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा दी है. इससे साफ है कि एक तरफ बातचीत जारी है, तो दूसरी तरफ दबाव की रणनीति भी अपनाई जा रही है.
तनाव की जड़ क्या है
अमेरिका लंबे समय से ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित या बंद करने की मांग करता रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल के महीनों में कड़ी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अपना कार्यक्रम नहीं रोका तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं. वहीं ईरान का कहना है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को तभी सीमित करेगा, जब उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएंगे.
ये भी पढ़ें- होली को लेकर रेलवे की बड़ी तैयारी, 300 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन चलाने की प्लानिंग; यात्रियों को मिलेगी राहत