भारत ने छोड़ा चिनाब नदी का पानी, पाकिस्तानी पंजाब में मची अफरा-तफरी! बाढ़ को लेकर अलर्ट पर मरियम सरकार

जम्मू-कश्मीर और भारत के पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. इसी वजह से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

Indus Waters Treaty Chenab River Water Level Surge Pakistan Punjab Alert for Flood
Image Source: Social Media

लाहौर: जम्मू-कश्मीर और भारत के पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. इसी वजह से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. हालात को देखते हुए वहां की सरकार ने अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं.

पाकिस्तान के सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल चिनाब नदी में मध्यम स्तर की बाढ़ जैसी स्थिति है. मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों में जम्मू-कश्मीर और भारतीय पंजाब के जलग्रहण क्षेत्रों में और भारी बारिश का अनुमान जताया है.

अगर बारिश इसी तरह जारी रहती है, तो नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है और कई इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है.

कई शहरों के लिए चेतावनी

पाकिस्तान के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग (FFD) ने 24 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. विभाग के मुताबिक, चिनाब, झेलम, रावी और उनसे जुड़ी कई सहायक नदियों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है.

रावलपिंडी, झेलम, गुजरांवाला, सरगोधा समेत कई शहरों के प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा गया है.

भारत में खोले गए बांध के गेट

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित सलाल बांध में लगातार बारिश के कारण पानी तेजी से बढ़ गया था. जलाशय का स्तर नियंत्रित रखने के लिए बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया.

बांध से पानी छोड़े जाने के बाद चिनाब नदी में पानी का बहाव और तेज हो गया है, जिसका असर पाकिस्तान में भी देखने को मिल सकता है.

पिछले साल आई थी बड़ी बाढ़

पिछले साल भी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था. रावी नदी का पानी लाहौर के कई इलाकों में घुस गया था, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हुए थे. इसी वजह से इस बार प्रशासन पहले से ही सतर्कता बरत रहा है.

सिंधु जल संधि पर भी चर्चा

पाकिस्तान के कुछ अधिकारियों का कहना है कि भारत की ओर से नदी के बहाव से जुड़ा डेटा पहले की तरह नहीं मिल रहा है, जिससे बाढ़ का अनुमान लगाने में मुश्किल हो रही है.

यह मामला सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) से भी जुड़ा है. भारत ने पिछले साल इस संधि को निलंबित करने के बाद पाकिस्तान के साथ पानी के बहाव से जुड़ी कुछ जानकारियां साझा करना बंद कर दिया था.

फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात पर नजर रखी जा रही है और पाकिस्तान में प्रशासन संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी कर रहा है.

ये भी पढ़ें- ट्रंप ने कनाडा पर लगाया 50% टैरिफ, भारतीय कंपनियों के लिए खुलेंगे नए दरवाजे? इन सेक्टरों को होगा फायदा