नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर समुद्री मार्ग हिंसा की चपेट में आ गया है. यूक्रेन के दक्षिणी तट के पास हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है. नई दिल्ली ने इस हमले को बेहद गंभीरता से लेते हुए रूस के चार्ज डी'अफेयर्स (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया और स्पष्ट संदेश दिया कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे निर्दोष नागरिकों की जान भी खतरे में पड़ती है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब युद्ध के कारण समुद्री व्यापार पहले से ही दबाव में है और वैश्विक शिपिंग मार्ग लगातार असुरक्षित होते जा रहे हैं.
एमवी गोल्डन लियो पर हुआ था मिसाइल हमला
रविवार को 'एमवी गोल्डन लियो' नामक मर्चेंट जहाज यूक्रेन के दक्षिणी बंदरगाह ओडेसा से रवाना हुआ था. इसी दौरान उस पर हमला किया गया. भारत ने सोमवार को गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले इस व्यापारी जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें जहाज पर सवार कुल 10 नाविकों की मौत हो गई. भारत ने एक बार फिर दोहराया कि किसी भी संघर्ष के दौरान कमर्शियल शिपिंग को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर जारी अपने आधिकारिक बयान में रूस का नाम लिए बिना कहा कि भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है. मंत्रालय ने कहा, "भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और निर्दोष आम नागरिकों (क्रू सदस्यों) की जान जोखिम में डालना या नेविगेशन और व्यापार की आजादी में बाधा डालना निंदनीय है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए." भारत का यह बयान स्पष्ट करता है कि वह समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की स्वतंत्रता को लेकर अपनी नीति पर कायम है.
रूस-यूक्रेन युद्ध में पहली बार भारतीय नाविकों की मौत
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान भारतीय नाविकों की मौत का यह पहला मामला सामने आया है. इससे पहले हाल के सप्ताहों में होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हुए ईरानी और अमेरिकी हमलों में भी आधा दर्जन से अधिक भारतीय नाविकों की जान गई थी. उन घटनाओं को लेकर भी भारत ने ईरान और अमेरिका के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था. अब रूस-यूक्रेन संघर्ष में भारतीय नागरिकों की मौत ने भारत की चिंता को और बढ़ा दिया है.
यूक्रेनी नौसेना ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?
यूक्रेनी नौसेना के अनुसार रूस ने गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले इस जहाज पर तीन क्रूज मिसाइलों से हमला किया. जहाज पर भारत और सीरिया के नागरिक क्रू सदस्य के रूप में तैनात थे. यूक्रेनी वायु सेना ने बताया कि मिसाइल हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई.
चार भारतीयों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार इस हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एमवी गोल्डन लियो एक जनरल कार्गो शिप था, जिस पर घटना के समय कुल 17 क्रू मेंबर मौजूद थे. हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन कई लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी.
कुल 10 लोगों की गई जान
यूक्रेन के सीपोर्ट अथॉरिटी ने सोमवार को जानकारी दी कि इस हमले में गोल्डन लियो के नौ क्रू मेंबर और पोर्ट का एक यूक्रेनी पायलट मारा गया. वहीं रॉयटर्स द्वारा साझा किए गए डेटा के अनुसार एमवी गोल्डन लियो मुंबई स्थित कंपनी ओशन ग्रेस शिपिंग लिमिटेड का जहाज है.
ओडेसा के समुद्री कॉरिडोर पर लगातार बढ़ रहे हमले
हाल के सप्ताहों में रूस ने ओडेसा क्षेत्र और यूक्रेन के उस समुद्री कॉरिडोर पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसके जरिए अब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामान की आवाजाही हो रही है. यह कॉरिडोर यूक्रेन के लिए वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है. मॉस्को ने उन विदेशी झंडे वाले कार्गो जहाजों को भी निशाना बनाया है, जो रोमानिया और बुल्गारिया के तटों से होते हुए तुर्की तक सामान पहुंचाते हैं.
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भी की पुष्टि
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने भी इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह हमला एक सामान्य व्यापारी जहाज पर किया गया, जिस पर अलग-अलग देशों के नागरिक सवार थे. उन्होंने कहा, "एक आम नागरिक जहाज. एक अंतरराष्ट्रीय क्रू. एक ऐसा रास्ता जो दुनिया की खाद्य सुरक्षा में मदद करता है. पुतिन को एक और निशाना मिल गया."
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