अमेरिका ही नहीं, 10 और देशों से ट्रेड डील की तैयारी, सरकार ने संसद में दी बड़ी जानकारी

India FTA: अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत के बीच सरकार ने संसद में बड़ी जानकारी दी है. वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में बताया कि भारत दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.

US preparations are underway for trade deals with 10 more countrie the government shared this major update
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India FTA: अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत के बीच सरकार ने संसद में बड़ी जानकारी दी है. वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में बताया कि भारत दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रहा है.

सरकार कई देशों और समूहों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत कर रही है. इसका मकसद भारतीय सामान को ज्यादा से ज्यादा देशों तक पहुंचाना और निर्यात बढ़ाना है.

अमेरिका और यूरोप के साथ बातचीत आगे बढ़ी

सरकार के अनुसार, अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है. वहीं यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ भी चर्चा काफी आगे बढ़ चुकी है. इसके अलावा कनाडा, इजरायल, चिली, पेरू, मालदीव और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) जैसे देशों और समूहों के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत जारी है.

पुराने व्यापारिक रिश्तों को भी मजबूत करने की तैयारी

सरकार नए समझौतों के साथ-साथ पुराने व्यापारिक समझौतों को भी बेहतर बनाने पर काम कर रही है. दक्षिण कोरिया के साथ CEPA समझौते को अपडेट किया जा रहा है. श्रीलंका के साथ ETCA को लेकर बातचीत चल रही है. 

वहीं ऑस्ट्रेलिया के साथ CECA समझौते को और मजबूत किया जा रहा है. इसके अलावा आसियान देशों के साथ मौजूदा ट्रेड डील की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि इसे भारत के लिए ज्यादा फायदेमंद बनाया जा सके.

अमेरिका और EU डील पर क्या अपडेट?

मंत्री ने बताया कि यूरोपियन यूनियन के साथ बातचीत 27 जनवरी को सफलतापूर्वक पूरी हुई थी. वहीं अमेरिका के साथ 7 फरवरी को अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमति बनी थी. अब आगे की बातचीत को पूरा करने पर काम चल रहा है.

आम लोगों को कैसे मिलेगा फायदा?

सरकार का कहना है कि इन ट्रेड डील से भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होने के बाद भारतीय कंपनियों को दूसरे देशों में सामान बेचने में कम टैक्स देना पड़ेगा. 

इसका फायदा खास तौर पर कपड़ा, टेक्सटाइल, गारमेंट और चमड़ा उद्योग को मिल सकता है. इन सेक्टर में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है. ज्यादा विदेशी ऑर्डर मिलने से फैक्ट्रियों का काम बढ़ेगा और नई नौकरियों के मौके बन सकते हैं.

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