IMD Monsoon Update: मानसून की बारिश जहां खेतों और जलाशयों के लिए राहत लेकर आती है, वहीं इस बार कई राज्यों के लिए यह भारी तबाही का कारण बन गई है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. पहाड़ों में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि मैदानी इलाकों में नदियां उफान पर हैं. हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और कई क्षेत्रों में सड़क, बिजली और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी हालात और बिगड़ने की आशंका जताते हुए कई राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.
जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा तबाही
सबसे गंभीर स्थिति जम्मू-कश्मीर में देखने को मिली है, जहां लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है. अब तक 23 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं. पुंछ और राजौरी जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां लगातार बारिश के कारण राहत एवं बचाव अभियान भी प्रभावित हुआ. प्रशासन के मुताबिक सात लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है. कई गांवों का संपर्क टूट गया है और पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सेना और आपदा राहत एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं.
असम में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित
पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 15 जिलों के 3.63 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं. इस वर्ष अब तक बाढ़ से पांच लोगों की जान जा चुकी है.
लगभग 580 गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जबकि 10 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि बर्बाद हो गई है. कई स्थानों पर सड़कें, पुल और तटबंध क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित हुआ है. ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे अगले कुछ दिनों तक स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है.
उत्तराखंड में भूस्खलन से ठप हुआ जनजीवन
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं. चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित करीब 150 सड़कें बंद होने से कई जिलों का संपर्क प्रभावित हुआ है. प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है. बागेश्वर जिले में सरयू नदी में बहने से आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई. वहीं पूरे राज्य में कक्षा एक से बारहवीं तक के सभी स्कूलों को एहतियातन बंद रखने का फैसला लिया गया है.
गंगा में बह रहे युवक को बचाने का सफल अभियान
ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है. रामझूला के पास एक भेलपुरी विक्रेता तेज बहाव में बह गया और करीब पांच किलोमीटर दूर राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के समीप बने एक टापू पर फंस गया. सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ, जल पुलिस और अन्य बचाव दलों ने संयुक्त अभियान चलाकर कई घंटों की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. यह अभियान राहत टीमों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बन गया.
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से बढ़ी परेशानी
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का असर लगातार बढ़ रहा है. किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ से सांगला-चितकुल मार्ग और एक महत्वपूर्ण पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे सेना और आईटीबीपी की चौकियों का संपर्क टूट गया.
चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में बादल फटने के बाद कलाह नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया. हालांकि बीच नाले में फंसे तीन मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया. मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बाद कांगड़ा, मंडी, सिरमौर सहित कई जिलों में स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है.
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. भारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए 12 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. बरेली, बिजनौर, रामपुर और शाहजहांपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान 150 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने कई जिलों में तेज आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है. हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें तेजी आने की संभावना है.
राजस्थान में भी तेज होगा मानसून
राजस्थान में भी इस सप्ताह मानसून सक्रिय होने जा रहा है. मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में भी 22 से 28 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है. लगातार बढ़ रही नमी और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण प्रदेश के कई जिलों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है.
अगले कई दिन भारी रहेंगे
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी और मानसूनी हवाओं की मजबूती के कारण उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में अगले चार से पांच दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है. आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके.
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