India-US Trade: हार्ले-डेविडसन बाइक, लग्जरी कार से लेकर शराब तक... भारत में क्‍या-क्‍या होगा सस्‍ता?

भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के बाद भारत में कई अमेरिकी सामान सस्ते हो सकते हैं. इस समझौते के तहत कई उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने या खत्म करने का फैसला लिया गया है.

India-US Trade Deal These Things Will Now Be Cheaper in India
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

India-US Trade: भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के बाद भारत में कई अमेरिकी सामान सस्ते हो सकते हैं. इस समझौते के तहत कई उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने या खत्म करने का फैसला लिया गया है. इससे आम लोगों को फायदा मिलेगा और विदेशी प्रोडक्ट्स खरीदना थोड़ा आसान हो जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते के लागू होते ही 800cc से 1600cc इंजन वाली अमेरिकी मोटरसाइकिलें बिना आयात शुल्क के भारत लाई जा सकेंगी. इसका सीधा फायदा हार्ले डेविडसन जैसी महंगी बाइकों की कीमत पर पड़ेगा. इसके अलावा 3000cc से ज्यादा इंजन क्षमता वाली बड़ी गाड़ियों पर आयात शुल्क घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है. हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों पर फिलहाल कोई राहत नहीं दी गई है.

गौरतलब है कि हार्ले डेविडसन पर ज्यादा टैक्स को लेकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी भारत की आलोचना कर चुके हैं.

कब से लागू होगा यह समझौता?

भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी 2026 को इस अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है. उम्मीद है कि मार्च 2026 में इस पर औपचारिक हस्ताक्षर होंगे. हस्ताक्षर होते ही समझौते में तय की गई नई दरें और रियायतें लागू हो जाएंगी. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार करना आसान होगा और भारतीय बाजार में विदेशी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी.

अमेरिकी शराब होगी सस्ती

अमेरिका से आने वाली वाइन और अन्य शराब पर भी आयात शुल्क घटाने पर सहमति बनी है. इससे ये उत्पाद भारत में पहले से सस्ते हो सकते हैं. हालांकि, घरेलू शराब उद्योग को नुकसान न हो, इसके लिए सरकार ने न्यूनतम आयात मूल्य तय किया है. इसका मतलब यह है कि विदेशी शराब एक तय कीमत से कम पर नहीं बेची जा सकेगी, ताकि बाजार में बहुत सस्ती शराब की भरमार न हो और गलत तरीके से कम कीमत दिखाने पर रोक लग सके.

बादाम, अखरोट और फलों पर भी राहत

भारत अमेरिका से बड़ी मात्रा में मेवे और फल मंगाता है. नए समझौते के तहत बादाम, अखरोट, पिस्ता और सेब जैसे उत्पादों पर आयात शुल्क कम किया गया है.

सेब जैसे संवेदनशील उत्पादों के लिए कोटा व्यवस्था लागू की गई है. तय सीमा के भीतर आयात पर अधिकतम 25 प्रतिशत शुल्क लगेगा. साथ ही सेब के लिए न्यूनतम आयात मूल्य 50 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है, ताकि देश के किसानों को नुकसान न हो.

दालों के लिए टैरिफ-रेट कोटा की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा, एक्स्ट्रा लॉन्ग स्टेपल कपास पर भी राहत दी गई है, क्योंकि भारत में इसका उत्पादन कम होता है.

दवाइयां और मेडिकल उपकरण भी सस्ते

इस समझौते से आम लोगों के इलाज का खर्च भी कम हो सकता है. कैंसर, दिल की बीमारी, दिमाग से जुड़ी समस्याओं और बच्चों की बीमारियों की जरूरी दवाओं पर आयात शुल्क घटाया जाएगा.

इसके अलावा पेसमेकर, लैप्रोस्कोप, एक्स-रे के पुर्जे और इमेजिंग मशीन जैसे मेडिकल उपकरणों पर भी टैक्स कम किया जाएगा. कुछ महंगे और जटिल उपकरणों पर राहत धीरे-धीरे लागू होगी, ताकि नियम-कानूनों को सही तरीके से अपनाया जा सके.

पशुपालन और औद्योगिक सामानों पर असर

पशुपालन, खासकर मुर्गी पालन उद्योग को मदद देने के लिए DDGs जैसे चारे पर सीमित राहत दी गई है. इसके अलावा अमेरिका से आने वाले कुछ रसायनों, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और कंप्यूटर से जुड़े सामानों पर भी आयात शुल्क कम होगा. इससे उद्योग और तकनीक से जुड़े सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है.

भारतीय निर्यातकों को कहां मिलेगा फायदा?

टैरिफ कम होने से भारत के कई सेक्टरों को अमेरिका में अपने उत्पाद बेचने का बेहतर मौका मिलेगा. इसमें कपड़ा और रेडीमेड कपड़े, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, जैविक रसायन, घर की सजावट से जुड़े सामान, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी शामिल हैं. इससे भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.

किन भारतीय उत्पादों पर लगेगा जीरो टैरिफ?

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इस समझौते के तहत कई भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में शून्य आयात शुल्क लगेगा. इसमें रत्न और हीरे, दवाइयां, विमान के पुर्जे और स्मार्टफोन शामिल हैं.

इसके अलावा मसाले, चाय, कॉफी, नारियल तेल, काजू और फल-सब्जियां जैसे एवोकाडो, केला, आम, अनानास और मशरूम पर भी जीरो टैरिफ लागू होगा. कुछ बेकरी प्रोडक्ट्स को भी इस सूची में रखा गया है.

ये भी पढ़ें- Valentine Week Love Rashifal: रोज डे से वैलेंटाइन डे तक, इस वीक किसे मिलेगा प्यार? जानें अपना राशिफल