India-US Trade: भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का एक फ्रेमवर्क जारी किया. जिसका उद्देश्य शुल्क कम करना, ऊर्जा संबंधों को मजबूत करना और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है. इसके तहत अमेरिका भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करेगा.
इस फ्रेमवर्क के सामने आते ही अब यह भी साफ हो गया है कि दोनों देश किन-किन चीजों पर टैरिफ कम करेंगे. इसका मकसद ऐसा व्यापार समझौता बनाना है, जिससे दोनों देशों को बराबर का फायदा हो. इसे भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए एक अहम उपलब्धि बताया गया है.
टैरिफ हुआ कम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में घोषणा की थी कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18% कर देगा.
यह फ्रेमवर्क व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) वार्ताओं के प्रति दोनों भागीदारों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसे फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू किया था. शुक्रवार को, ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करके टैरिफ के 25 फीसदी हिस्से को हटा दिया है. भारत अमेरिका और वेनेजुएला से तेल आयात करने पर सहमत हो गया है.
भारत-अमेरिका डील की प्रमुख बातें
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस फ्रेमवर्क को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताया. गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, खासकर MSMI, किसानों और मछुआरों के लिए अमेरिका जैसे 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले विशाल बाजार के दरवाजे खुलेंगे. भारत ने अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने पर सहमति जताई है, जिनमें गैस, तेल, कोकिंग कोयला, विमान और विमान के पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, एआई और अन्य डेटा सेंटर्स के लिए उपयोग की जाने वाली ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट जैसे तकनीकी उत्पाद शामिल हैं.
भारत सूखे अनाज, लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेसिंग फूड, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट सहित कई प्रकार के अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों और शराब और स्पिरिट पर शुल्क कम करेगा या समाप्त कर देगा.
प्रमुख अमेरिकी इंपोर्ट पर 18 फीसदी टैरिफ
इसके बदले में अमेरिका भारतीय मूल के सामानों पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा. जिनमें वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, जैविक रसायन, घरेलू सजावट का सामान, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी शामिल हैं. भारतीय निर्यात की एक खला पर भी टैरिफ हटा देगा, जिसमें जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे शामिल हैं.
किसान और डेयरी सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में भारतीय किसानों और ग्रामीण आजीविका के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है. पीयूष गोयल ने फ्रेमवर्क का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों, मछुआरों और एमएसएमई को लाभ होगा. गेहूं, चावल, दूध, पनीर, सब्जियां और मांस जैसे कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है.
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