भारत ने बदली न्यूक्लियर हथियारों की पॉलिसी, मिसाइलों में हमेशा लगाकर रखेगा परमाणु बम! देखें रिपोर्ट

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की 2025 की रिपोर्ट में भारत को लेकर एक बड़ा दावा किया गया है.

India changed Nuclear Policy Nuclear Warheads With Launchers
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

India Nuclear Policy: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की 2025 की रिपोर्ट में भारत को लेकर एक बड़ा दावा किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने परमाणु हथियारों को लेकर अपनी नीति में कुछ बड़े और अहम बदलाव किए हैं. यह रिपोर्ट 6 फरवरी को जारी हुई है.

रिपोर्ट कहती है कि पहले भारत शांति के समय अपने परमाणु बम और उन्हें दागने वाली मिसाइलों को अलग-अलग रखता था. लेकिन अब भारत अपनी कुछ मिसाइलों को कैनिस्टर (सुरक्षित कंटेनर) में तैयार हालत में रख रहा है और समुद्र में पनडुब्बियों के जरिए लगातार निगरानी और गश्त कर रहा है. इससे संकेत मिलता है कि भारत अब शांति काल में भी कुछ परमाणु हथियार लॉन्च सिस्टम के साथ तैयार रख सकता है.

भारत ने क्यों बदली अपनी रणनीति?

भारत की परमाणु नीति अब तक “नो फर्स्ट यूज” यानी पहले हमला न करने की रही है. लेकिन चीन और पाकिस्तान से एक साथ खतरे की आशंका बढ़ने के कारण भारत अपनी सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है.

पिछले कुछ सालों में चीन के साथ गलवान जैसी घटनाएं हुईं और पाकिस्तान के साथ भी तनाव की स्थिति कई बार बनी. इन हालातों ने भारत को अपनी रक्षा रणनीति पर फिर से सोचने के लिए मजबूर किया है.

भारत के परमाणु हथियारों की स्थिति

SIPRI के अनुसार, जनवरी 2025 तक भारत के पास करीब 180 परमाणु हथियार हो सकते हैं. यह संख्या पिछले साल से थोड़ी ज्यादा मानी जा रही है.

भारत अब परमाणु हमले की तीनों दिशाओं से मजबूत क्षमता बना चुका है:

  • जमीन से मिसाइलों के जरिए
  • हवा से लड़ाकू विमानों के जरिए
  • समुद्र से पनडुब्बियों के जरिए

इसे ही परमाणु “तिकड़ी” (न्यूक्लियर ट्रायड) कहा जाता है. हाल ही में भारत ने पनडुब्बी से दागी जाने वाली K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण भी किया था.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत अब लंबी दूरी की मिसाइलों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर चीन तक भी निशाना साधा जा सके. हालांकि पाकिस्तान अब भी भारत की परमाणु रणनीति का अहम हिस्सा बना हुआ है.

पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर क्या कहा गया?

SIPRI रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पास जनवरी 2025 तक लगभग 170 परमाणु हथियार होने का अनुमान है. इस संख्या में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है.

पाकिस्तान भी धीरे-धीरे अपनी परमाणु क्षमता को तीनों मोर्चों पर मजबूत कर रहा है:

  • जमीन से मिसाइल
  • हवा से लड़ाकू विमान
  • और अब समुद्र से हमला करने की तैयारी

रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान पनडुब्बी से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइल (SLCM) पर काम कर रहा है और 2024 से इस दिशा में तेजी आई है. आने वाले वर्षों में पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को और विकसित कर सकता है.

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