Afghanistan Strike: पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में की गई एयर स्ट्राइक पर भारत की ओर से सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है. रविवार (22 फरवरी 2026) को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस कार्रवाई की खुलकर निंदा की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने अंदरूनी हालात को छिपाने के लिए ऐसे कदम उठा रहा है और इसे किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता.
भारत ने खास तौर पर इस बात पर चिंता जताई कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने में किया गया. प्रवक्ता ने कहा कि इस दौरान आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की जान जाना बेहद दुखद और निंदनीय है. भारत का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई मानवता के खिलाफ है और इसे किसी भी स्थिति में सही नहीं कहा जा सकता.
अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन
भारत ने साफ किया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश की सीमाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए. भारत ने अफगानिस्तान के साथ अपनी मजबूत और स्थिर साझेदारी को भी दोहराया.
पाकिस्तान ने कई इलाकों को बनाया निशाना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के कई इलाकों पर हमले किए. इनमें नांगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिले, साथ ही पतिका प्रांत के बेरमल और अर्गुन जिले शामिल हैं. बताया जा रहा है कि यह हाल के महीनों में पाकिस्तान की ओर से किया गया चौथा बड़ा हमला है.
नागरिकों की मौत का दावा
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इन हमलों में आम नागरिकों को भी भारी नुकसान हुआ है. एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के अनुसार, एक ही परिवार के 16 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक बच्चा और एक बुजुर्ग भी शामिल हैं. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.
तालिबान सरकार की चेतावनी
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया और कहा कि समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा. अफगान रक्षा मंत्रालय ने भी साफ किया कि उनकी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं हो रहा है.
क्षेत्र में बढ़ सकता है तनाव
इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. भारत ने जहां शांति और स्थिरता की बात की है, वहीं पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात और बिगड़ सकते हैं. आने वाले दिनों में यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है.
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