बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर भारत ने दिया जवाब, जयशंकर बोले- 'जब आपके पड़ोसी बुरे होते हैं...'

भारत की पड़ोसी नीति और बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ और सख्त शब्दों में भारत का रुख रखा है.

India responded to the killing of Hindus in Bangladesh
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

भारत की पड़ोसी नीति और बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ और सख्त शब्दों में भारत का रुख रखा है. उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों और अपने अनुभव के आधार पर फैसले करता है और उसे यह बताने की जरूरत नहीं है कि उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

विदेश मंत्री ने बताया कि वह हाल ही में बांग्लादेश की यात्रा पर थे, जहां उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ भारत के रिश्तों पर विस्तार से बात की.

जयशंकर ने कहा कि पड़ोसियों के साथ संबंध स्वाभाविक होते हैं. अगर कोई पड़ोसी देश मित्रवत है या कम से कम नुकसान पहुंचाने वाला नहीं है, तो किसी भी देश की पहली प्रवृत्ति उसकी मदद करने और उसके साथ सहयोग बढ़ाने की होती है. भारत भी एक जिम्मेदार देश के तौर पर यही करता आया है.

अच्छे पड़ोसियों में निवेश करता है भारत

विदेश मंत्री ने कहा कि जहां भी भारत को अच्छे पड़ोसी दिखाई देते हैं, वहां वह निवेश करता है, मदद करता है और संसाधन साझा करता है. भारत की पड़ोसी नीति सहयोग, विकास और साझेदारी पर आधारित है. उन्होंने साफ कहा कि इस नीति को लेकर किसी बाहरी दबाव या सलाह की जरूरत नहीं है.

जयशंकर के मुताबिक, भारत अपने अनुभव और क्षेत्रीय समझ के आधार पर यह तय करता है कि किस पड़ोसी के साथ किस तरह का व्यवहार होना चाहिए.

कोविड और श्रीलंका संकट में भारत की भूमिका

जयशंकर ने भारत की मदद के ठोस उदाहरण भी गिनाए. उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने अपने अधिकांश पड़ोसी देशों को सबसे पहले वैक्सीन की आपूर्ति की. कई देशों को वैक्सीन की पहली खेप भारत से ही मिली थी.

उन्होंने श्रीलंका के आर्थिक संकट का जिक्र करते हुए कहा कि जब वहां हालात बेहद खराब थे और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ बातचीत धीमी चल रही थी, तब भारत ने करीब 4 अरब डॉलर के सहायता पैकेज के जरिए श्रीलंका की मदद की.

हमारे पास बुरे पड़ोसी भी हैं– जयशंकर

जयशंकर ने यह भी स्वीकार किया कि भारत के सभी पड़ोसी मित्रवत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से भारत के पास कुछ ऐसे पड़ोसी भी हैं, जो लगातार और बिना किसी पछतावे के आतंकवाद को बढ़ावा देते रहे हैं.

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई देश जानबूझकर आतंकवाद का सहारा लेकर भारत को नुकसान पहुंचाता है, तो भारत को अपने नागरिकों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है. उस अधिकार का इस्तेमाल कैसे करना है, यह पूरी तरह भारत का फैसला होगा.

अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अपनी रक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के तरीके खुद तय करेगा और इस पर किसी तरह की बाहरी नसीहत स्वीकार नहीं करेगा.

भारत की ग्रोथ से पड़ोसियों को भी फायदा

जयशंकर ने कहा कि भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत लगातार बढ़ रही है और यह एक “बढ़ती हुई लहर” की तरह है. उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति का फायदा उसके पड़ोसी देशों को भी मिलेगा.

उनके मुताबिक, भारत के अधिकांश पड़ोसी यह समझते हैं कि अगर भारत आगे बढ़ेगा, तो पूरा क्षेत्र उसके साथ आगे बढ़ेगा. यही संदेश वह बांग्लादेश भी लेकर गए थे.

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