Iran-America War: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने 14वें दिन में प्रवेश कर लिया है. इस संघर्ष में अमेरिका को इजरायल का समर्थन प्राप्त है, वहीं ईरान के पास लेबनान स्थित हिजबुल्लाह का सहयोग है. इस युद्ध में दोनों देशों के बीच मिसाइलों और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है, जिससे युद्ध की तीव्रता बढ़ती जा रही है. इस युद्ध पर अब तक कितना खर्च हो चुका है, यही सवाल सबके मन में उठ रहा है.
अमेरिका का युद्ध पर खर्च
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ने इस हफ्ते एक ब्रीफिंग के दौरान खुलासा किया कि ईरान के खिलाफ युद्ध के पहले छह दिनों में अमेरिका ने करीब 11.3 अरब डॉलर खर्च कर दिए. यह जानकारी अमेरिकी सांसदों को दी गई थी, जो इस युद्ध पर खर्च की जानकारी मांग रहे थे. विशेष रूप से, मंगलवार को सीनेटरों के लिए एक बंद कमरे की ब्रीफिंग में बताया गया कि अमेरिका ने पहले दो दिनों में ही 5.6 अरब डॉलर खर्च किए थे.
युद्ध के शुरुआती खर्च का खुलासा
न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पहले छह दिन के संघर्ष में अमेरिका का खर्च 11.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. यह आंकड़ा युद्ध की तीव्रता और अमेरिकी सैन्य उपकरणों की सक्रियता को दर्शाता है. इस दौरान अमेरिका ने विभिन्न प्रकार के हमलों और सैन्य गतिविधियों में भारी खर्च किया.
13 दिन का खर्च
अमेरिकी प्रशासन ने इस युद्ध पर अभी तक पूरी तरह से खर्च की जानकारी नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, अब तक के 13 दिनों के युद्ध में लगभग 26 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. यह आंकड़ा युद्ध के बढ़ते प्रभाव और उसके आर्थिक बोझ को स्पष्ट करता है.
व्हाइट हाउस की फंडिंग डिमांड
कांग्रेस के कई सहयोगियों का मानना है कि व्हाइट हाउस जल्द ही युद्ध के लिए और ज्यादा फंड की डिमांड कर सकता है. कुछ अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी सरकार कांग्रेस से युद्ध के लिए 50 अरब डॉलर तक की मांग कर सकती है. इस युद्ध के वित्तीय भार को देखते हुए, आने वाले समय में अमेरिकी प्रशासन से और भी बड़ी फंडिंग की जरूरत हो सकती है.
युद्ध को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान
इस बीच, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बुधवार को केंटकी यात्रा के दौरान यह घोषणा की थी कि "हम युद्ध जीत गए हैं," लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि "अमेरिका इस काम को पूरा करने के लिए युद्ध में बना रहेगा." ट्रंप का यह बयान यह दर्शाता है कि युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका ने अभी तक अपने सभी विकल्प नहीं खोले हैं और संघर्ष जारी रहेगा.
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