बलूचिस्तान में स्थित ग्वादर पोर्ट लगातार भारी सैन्य सुरक्षा और तैनाती के तहत संचालित होता है. पाकिस्तान सरकार इसे सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के रूप में बताती है, लेकिन इसका कारण यह है कि पोर्ट और आसपास के क्षेत्र पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के कई सीधे हमले हो चुके हैं. BLA को पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन ने आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता दी है. इस संगठन का स्पष्ट उद्देश्य चीन के निवेश को रोकना और CPEC परियोजनाओं पर प्रभाव डालना है.
सुरक्षित बनाम सैन्यीकृत सुविधा
सुरक्षित और सैन्यीकृत में फर्क महत्वपूर्ण है. सुरक्षित सुविधा का मतलब है खतरे को इस स्तर पर कम कर दिया गया है कि सामान्य व्यापारिक संचालन बिना सैन्य मौजूदगी के हो सके. वहीं सैन्यीकृत सुविधा का अर्थ है कि खतरा अभी भी मौजूद है और इसलिए सेना लगातार तैनात रहती है. ग्वादर पोर्ट इसी प्रकार की सैन्यीकृत सुविधा है.
BLA के हमले और धमकियाँ
मई 2019 में BLA ने पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल पर हमला किया, जो पोर्ट से लगभग 2 किलोमीटर दूर था. इसमें 5 लोग मारे गए, जिनमें 4 होटल कर्मचारी और 1 पाक नौसेना सैनिक शामिल थे. होटल अक्सर चीनी निवेशकों और CPEC से जुड़े कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल होता था. BLA ने कहा कि यह हमला विशेष रूप से चीनी और विदेशी निवेशकों को निशाना बनाने के लिए किया गया था.
2023-2024 में BLA ने बलूचिस्तान के रेलवे, सड़क और टेलीकॉम ढांचे पर हमले तेज कर दिए. मार्च 2024 में BLA ने ग्वादर पोर्ट प्राधिकरण परिसर पर सीधे हमला किया. अगस्त 2024 में BLA ने "ऑपरेशन हीरोफ" के तहत बलूचिस्तान के कई स्थानों पर एक साथ हमला किया, जिसमें 70 से अधिक लोगों की मौत हुई, जिनमें नागरिक और सुरक्षा बल शामिल थे.
सुरक्षा संरचना और सेना की तैनाती
ग्वादर पोर्ट की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान ने 2016 में CPEC सुरक्षा बल की स्थापना की, जिसमें 10,000 से अधिक सैनिक 34वीं लाइट इन्फेंट्री डिविजन के तहत शामिल थे. 2020 में 44वीं लाइट इन्फेंट्री डिविजन भी तैनात की गई. चीन ने 2021 और 2022 में पाकिस्तानी अधिकारियों से अपने नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी.
व्यावसायिक और बीमा जोखिम
ग्वादर पोर्ट जैसी सैन्यीकृत और खतरे वाली सुविधा में जहाजों को आने-जाने में विशेष जोखिम होता है. बीमा कंपनियां बलूचिस्तान को हाई-रिस्क क्षेत्र मानती हैं और इसके लिए अतिरिक्त प्रीमियम चार्ज करती हैं. सैन्य सुरक्षा जोखिम घटाती है, लेकिन इसे पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती.
BLA की रणनीति और संचालन क्षमता
BLA ने अपने हमलों की जिम्मेदारी सार्वजनिक रूप से ली है और CPEC के ढांचे को पाकिस्तान द्वारा बलूचिस्तान पर कब्जे का उपकरण बताया है. स्वतंत्र शोधकर्ताओं ने 2018 के बाद BLA की संचालन क्षमता में विस्तार दर्ज किया है, जिसमें अप्रैल 2026 में अपने पहले समुद्री ऑपरेशन के बाद समुद्री हमलों की क्षमता विकसित करना भी शामिल है.
सरकारी कम्युनिकेशन और वास्तविकता
पाकिस्तान सरकार अक्सर ग्वादर के निवेश माहौल का वर्णन करते समय सुरक्षा संरचना का उल्लेख नहीं करती. जब वे सुरक्षा बलों का जिक्र करते हैं, तो इसे निवेशकों के लिए भरोसा दिलाने के रूप में प्रस्तुत किया जाता है. लेकिन वास्तविकता यह है कि पोर्ट को संचालित करने के लिए लगातार सैन्य बल की आवश्यकता है.
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