Pakistan On Indus River: सिंधु नदी के पानी को लेकर एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. पाकिस्तान की ओर से कड़ा रुख सामने आया है, जिसने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर भारत सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने या उसका रास्ता बदलने की कोशिश करता है, तो इसे युद्ध जैसी कार्रवाई माना जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी स्थिति में पाकिस्तान पूरी ताकत के साथ जवाब देगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब पहले भी भारत यह कह चुका है कि “खून और पानी साथ नहीं बह सकते”, यानी आतंक और सहयोग एक साथ नहीं चल सकते.
Pakistan threatens India that it will respond with full might if water flow is stopped
— OsintTV 📺 (@OsintTV) May 6, 2026
"Any attempt to stop or divert the flow of water belonging to Pakistan under the Indus Waters Treaty will be considered as an ACT OF WAR. Any misadventure against Pakistan will be met with… pic.twitter.com/tnr5iHoM72
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बरसी पर कार्यक्रम
मंगलवार को पाकिस्तान में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें पिछले साल के “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर चर्चा हुई. पाकिस्तान के कई नेताओं ने इन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और अपनी जनता के सामने इसे अपनी जीत के रूप में पेश किया. इन कार्यक्रमों में विदेश मंत्री इशाक डार के साथ-साथ रक्षा मंत्री खाव्जा आसिफ भी शामिल हुए. दोनों नेताओं ने भारत की नीतियों की आलोचना की और कड़े बयान दिए.
कूटनीतिक मंच पर भी उठाया मुद्दा
विदेश मंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम में, जहां राजदूत और कूटनीतिक समुदाय के सदस्य मौजूद थे, इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का सम्मान किया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखना जरूरी है और इसे नफरत या राजनीति का शिकार नहीं बनने देना चाहिए.
भारत पर लगाए आरोप
इशाक डार ने भारत पर आरोप लगाया कि पिछले साल की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को तनाव के कगार पर ला खड़ा किया था. उनके मुताबिक भारत की कार्रवाई पहले से तय रणनीति का हिस्सा थी, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ आरोप और बयानबाजी शामिल थी.
उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंधु नदी के पानी के प्रवाह में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो संधि के नियमों के खिलाफ हो सकता है. पाकिस्तान का कहना है कि भारत को इस समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए.
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