पाकिस्तान के कई हिस्सों में रविवार (3 अगस्त, 2025) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. पाकिस्तान के नेशनल सिस्मिक मॉनिटरिंग सेंटर (NSMC) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई. भूकंप का केंद्र रावत से 15 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था और इसकी गहराई सिर्फ 10 किलोमीटर थी.
यह झटके शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 12:10 बजे महसूस किए गए, जिससे लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए और सभी लोग कलिमा तय्यबा पढ़ते रहे. भूकंप का असर खैबर पख्तूनख्वा, इस्लामाबाद, रावलपिंडी और आस-पास के कई इलाकों में देखा गया. भूकंप के झटके इस्लामाबाद और रावलपिंडी के साथ-साथ मर्दान, मुर्री, हरिपुर, चकवाल, ताला गंग और कलर कहार तक महसूस किए गए.
अफगानिस्तान से लेकर ताजिकिस्तान तक झटके
'ARY न्यूज' की रिपोर्ट के मुताबिक, लोग देर रात तक खुले आसमान के नीचे रहे, क्योंकि उन्हें आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटकों) का डर था. शनिवार को भी 5.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश पर्वतीय क्षेत्र में था. NSMC ने बताया कि इस भूकंप के झटके पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान के कई हिस्सों में महसूस किए गए. खैबर पख्तूनख्वा में शनिवार को भूकंप के झटके पेशावर, स्वात, मलकंद, नौशेरा, चारसद्दा, करक, दीर, मर्दान, मोहम्मद, शांगला, हंगू, स्वाबी, हरिपुर और एबटाबाद में महसूस किए गए. बता दें कि इसके अलावा इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर, अटॉक, टेक्सिला, मुर्री, सियालकोट, गुजरांवाला, गुजरात, शेखुपुरा, फिरोजवाला और मुरिदके में भी ये झटके महसूस किए गए.अब तक दोनों भूकंपों से किसी भी तरह की जान-माल की हानि की कोई खबर नहीं आई है. हालांकि, लोगों में डर का माहौल बना हुआ है और वे किसी भी संभावित आफ्टरशॉक से सतर्क हैं.
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