वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को खत्म करने की कोशिश में अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 21 घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन इस वार्ता का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका. इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मेज़बानी में हुई इस बातचीत में दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे और अन्य विवादों पर सहमति बनाने की कोशिश की गई, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है. इससे ट्रंप का गुस्सा पूरी तरह से फूट पड़ा है और उन्होंने एक बार फिर ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने फिर से ईरान को अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा.
इस जिद्द पर अड़ा है ईरान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर ईरान को लेकर भड़ास निकाली. उन्होंने कहा है कि, "ईरान के साथ बैठक सुबह जल्दी शुरू हुई और पूरी रात करीब 20 घंटों तक चली. मैं पूरे विस्तार के साथ बता सकता हूं और उन कई बातों पर भी चर्चा कर सकता हूं जो हासिल की गई हैं, लेकिन एक ही चीज सबसे महत्वपूर्ण है कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि, "कई मायनों में जिन बिंदुओं पर सहमति जताई गई है वे हमारी सैन्य कार्रवाई को अंत तक जारी रखने से बेहतर हैं, लेकिन ये सभी बातें उस मुद्दे के सामने मायने नहीं रखतीं कि इतने अस्थिर, मुश्किल और अप्रत्याशित लोगों के हाथों में परमाणु ताकत नहीं जानी चाहिए."
डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा, "मेरे तीन प्रतिनिधि इस पूरे समय के दौरान स्वाभाविक रूप से ईरान के प्रतिनिधियों, मोहम्मद बाघर गालिबाफ, अब्बास अराघची और अली बाघेरी, के साथ काफी दोस्ताना और सम्मानजनक हो गए थे, लेकिन इसका कोई महत्व नहीं है, क्योंकि वे सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बिल्कुल भी झुकने को तैयार नहीं थे और जैसा कि मैंने हमेशा कहा है, शुरू से और कई सालों पहले से कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा."
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