गोवा में सीपीए जोन VII सम्मेलन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बोले - लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण

गोवा विधानसभा द्वारा गोवा मैरियट रिसॉर्ट, मिरामर में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA), भारत क्षेत्र, जोन VII (पश्चिम क्षेत्र) के सम्मेलन की मेजबानी की.

CPA Zone VII Conference in Goa Lok Sabha Speaker Om Birla
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पणजी: गोवा विधानसभा द्वारा गोवा मैरियट रिसॉर्ट, मिरामर में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA), भारत क्षेत्र, जोन VII (पश्चिम क्षेत्र) के सम्मेलन की मेजबानी की. इस दो दिवसीय सम्मेलन में महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के प्रमुख संसदीय नेताओं और विधायकों ने शिरकत की. सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाना, शासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और अंतर-राज्यीय सहयोग को बढ़ावा देना था.

सम्मेलन की शुरुआत लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को शासन के मुख्य हितधारक के रूप में स्थापित करने पर केंद्रित चर्चाओं के साथ हुई. सत्रों के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि एक संवेदनशील और भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण में युवा विधायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. साथ ही, समावेशी और न्यायसंगत विकास के लिए जमीनी स्तर के शासन को आधारशिला बताया गया.

प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं की भागीदारी अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि "युवा विधायक परिवर्तन के वाहक हैं. हमें ऐसा शासन चाहिए जो समावेशी और अभिनव हो और जो लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप हो. विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए हमारी जमीनी शासन प्रणालियों का मजबूत होना आवश्यक है."

गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने युवा नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा पीढ़ी अपने साथ नए दृष्टिकोण और नवाचार लेकर आती है. उन्होंने युवाओं को नीति निर्माण की प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से शामिल करने की वकालत की. मुख्यमंत्री ने सहकारी संघवाद और ईमानदारी के साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया.

गोवा की प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, जहाँ 240 से अधिक ई-सेवाएं उपलब्ध हैं. साथ ही, राज्य बुनियादी ढांचे और पर्यटन में सतत विकास को बढ़ावा दे रहा है.

यह सम्मेलन प्रतिभागी राज्यों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ. इसमें चर्चा की गई कि कैसे निरंतर क्षमता निर्माण और संस्थागत मजबूती के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और नागरिकों के प्रति जवाबदेह बनाया जा सकता है.

सम्मेलन में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, गोवा विधानसभा के अध्यक्ष गणेश गांवकर, महाराष्ट्र विधान सभा के सभापति राहुल नार्वेकर, महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे, गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष जोशुआ डी सूजा समेत विभिन्न राज्यों के विधायक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मंथन का हिस्सा बने.

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