Weather: तेज हवाओं के साथ भारी बारिश, साइक्लोनिक सर्कुलेशन से बिगड़ेगा मौसम, IMD ने जारी की चेतावनी

देशभर में मौसम इन दिनों तेजी से बदल रहा है और इसका असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है. कहीं आसमान में घने बादल छाए हुए हैं तो कहीं तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है.

Cyclonic circulation will worsen the weather heavy rain IMD issued warning
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Weather: देशभर में मौसम इन दिनों तेजी से बदल रहा है और इसका असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है. कहीं आसमान में घने बादल छाए हुए हैं तो कहीं तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है. यह बदलता हुआ मिजाज संकेत दे रहा है कि मौसम सामान्य नहीं है. मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक एक सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण देश के कई हिस्सों में एक साथ मौसम बिगड़ने वाला है.

तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश, आंधी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके साथ ही कई क्षेत्रों में तापमान भी तेजी से बढ़ेगा, जिससे लू जैसे हालात बन सकते हैं. यानी लोगों को एक साथ बारिश और गर्मी—दोनों का सामना करना पड़ सकता है.

12 से ज्यादा राज्यों में अलर्ट

IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम जैसे राज्यों में मौसम बिगड़ने की आशंका है.

इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और तूफान का खतरा बना हुआ है. कई स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है, जो जानलेवा साबित हो सकती है. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी आशंका है.

किसानों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि खराब मौसम फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है. खुले में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की हिदायत दी गई है.

दिल्ली-NCR में बढ़ेगी गर्मी

दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल मौसम साफ बना हुआ है, लेकिन धूप का असर लगातार बढ़ रहा है. हल्के बादल जरूर नजर आ रहे हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम है.

अगले 24 घंटों में तापमान बढ़ने के आसार हैं. अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री के बीच रहेगा. हवाएं 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है.

हालांकि आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होगी और लू जैसी स्थिति बन सकती है.

उत्तर प्रदेश में तेज गर्मी का असर

उत्तर प्रदेश में अब मौसम पूरी तरह गर्म हो गया है. पहले हुई बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन अब तापमान तेजी से बढ़ रहा है.

राज्य के कई शहरों- मेरठ, आगरा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर में तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच चुका है. दिन में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं.

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है. लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है.

बिहार में लू और तेज हवाओं का खतरा

बिहार में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है. पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे इलाकों में तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है.

अगले 3 से 4 दिनों में तापमान 5 से 6 डिग्री तक बढ़ सकता है. साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल सकती हैं. इससे लू का खतरा बढ़ जाएगा.

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर

राजस्थान में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हुआ है, जिसके कारण जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है.

कुछ इलाकों में हल्की बारिश और आंधी की संभावना है, लेकिन यह बदलाव ज्यादा समय तक नहीं रहेगा. इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी और लू का असर शुरू हो जाएगा.

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी

मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में तापमान लगातार बढ़ रहा है. आने वाले दिनों में यहां गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है.

छत्तीसगढ़ में 14 से 17 अप्रैल के बीच लू चलने की संभावना है. यह स्थिति खासकर उन लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है जो खुले में काम करते हैं.

पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी

उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. तेज हवाओं के कारण ठंड का असर बना रहेगा.

हिमाचल प्रदेश में भी 12 से 17 अप्रैल के बीच मौसम बदला रहेगा. शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और मनाली में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है.

जम्मू-कश्मीर में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, जिससे घाटी में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं.

दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन

दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर साफ दिखाई दे रहा है. तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और अंडमान-निकोबार में बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर बारिश हो सकती है.

तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है.

पूर्वोत्तर में भारी बारिश और तूफान

पूर्वोत्तर भारत में मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है. अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में भारी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है.

यहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है.

क्या होता है साइक्लोनिक सर्कुलेशन?

साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक ऐसा मौसम तंत्र है जिसमें किसी क्षेत्र में कम दबाव बनने पर हवाएं गोलाकार दिशा में घूमने लगती हैं. इससे वातावरण में नमी तेजी से इकट्ठा होती है और बादलों का घना समूह बनता है.

यही प्रक्रिया आगे चलकर तेज बारिश, आंधी और तूफान को जन्म देती है. जब यह सिस्टम मजबूत होता है, तो इसका असर एक साथ कई राज्यों में दिखाई देता है.

ये भी पढ़ें- न्यूक्लियर, होर्मुज, बैलिस्टिक मिसाइल... क्यों फेल हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता, किसने क्या रखी डिमांड?