8th Pay commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है. हर कोई जानना चाहता है कि नई सैलरी कितनी बढ़ेगी और इसका उनकी आय पर कितना असर पड़ेगा. इस पूरे गणित का सबसे अहम हिस्सा है फिटमेंट फैक्टर, जिसके आधार पर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है.
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा मल्टीप्लायर होता है, जिसका उपयोग पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदलने के लिए किया जाता है. आसान शब्दों में कहें तो यह वही संख्या है, जिससे आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी निकाली जाती है.
8वें वेतन आयोग में इसे तय करते समय कई बातों को ध्यान में रखा जाएगा, जैसे:
क्यों इतना महत्वपूर्ण है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि पूरी सैलरी स्ट्रक्चर को प्रभावित करता है. इसमें शामिल हैं:
यानी यह एक ऐसा आधार है, जिससे पूरे वेतन ढांचे का निर्धारण होता है.
7वें वेतन आयोग में क्या हुआ था?
7वें वेतन आयोग (2016) में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था. इसके बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं था कि सैलरी 2.57 गुना बढ़ी. असल में, महंगाई भत्ता (DA) को रीसेट कर दिया गया था, जिससे वास्तविक बढ़ोतरी करीब 14.3% ही रही.
8वें वेतन आयोग में सैलरी कैसे निकलेगी?
नई सैलरी निकालने का फॉर्मूला बेहद सरल है:
रिवाइज्ड बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर
यानी अगर आपकी मौजूदा बेसिक ₹18,000 है और फिटमेंट फैक्टर 3 तय होता है, तो नई बेसिक ₹54,000 हो सकती है.
मौजूदा बेसिक सैलरी (7वें वेतन आयोग के अनुसार)
3 संभावित फिटमेंट फैक्टर और सैलरी का अनुमान
1. अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 ही रहता है
2. अगर फिटमेंट फैक्टर 3 होता है
3. अगर फिटमेंट फैक्टर 3.68 तक जाता है
सैलरी में किन-किन चीजों का योगदान होता है?
सरकारी कर्मचारी की कुल सैलरी कई हिस्सों से मिलकर बनती है:
यानी बेसिक पे बढ़ते ही बाकी भत्ते भी अपने आप बढ़ जाते हैं.
कर्मचारियों के पे लेवल क्या हैं?
सरकारी कर्मचारियों को अलग-अलग लेवल में बांटा गया है:
क्या अभी फिटमेंट फैक्टर तय हो गया है?
फिलहाल 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इंटरनेट पर कई तरह के आंकड़े चल रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल सरकारी नोटिफिकेशन का ही इंतजार करें.
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