चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में दक्षिण कोरिया में मुलाकात हुई. इस बैठक के दौरान, ट्रंप ने जिनपिंग से एक अहम और संवेदनशील विषय पर बात की, जो हांगकांग के मीडिया टाइकून जिमी लाइ की रिहाई से जुड़ा था. यह विषय न केवल दोनों देशों के रिश्तों में हलचल पैदा कर रहा है, बल्कि हांगकांग में चीन की कड़ी नीतियों के विरोध में उठे सवालों को भी हवा दे रहा है.
ट्रंप ने जिनपिंग से की जिमी लाइ की रिहाई की अपील
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने 77 वर्षीय जिमी लाइ की रिहाई के लिए जिनपिंग से सीधी अपील की. उन्होंने इस मुद्दे पर पांच मिनट तक विस्तार से चर्चा की. ट्रंप ने इस बात को उठाया कि जिमी लाइ की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता है, और उनका लंबा समय जेल में बिताना दोनों देशों के रिश्तों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. हालांकि, ट्रंप ने इस मुद्दे पर कोई समझौते की बात नहीं की, लेकिन यह संकेत जरूर दिया कि लाइ की रिहाई से चीन की अंतरराष्ट्रीय छवि में सुधार हो सकता है.
जिमी लाइ पर क्या हैं आरोप?
जिमी लाइ, जिन्होंने लोकतंत्र समर्थक मीडिया संगठन "Apple Daily" की स्थापना की थी, पर दो गंभीर आरोप लगाए गए हैं. उन पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रचने और भड़काऊ सामग्री प्रकाशित करने का आरोप है. यह दोनों आरोप हांगकांग में चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत लगाए गए हैं, जिसे लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के बाद सख्त तरीके से लागू किया गया था. हालांकि, जिमी लाइ ने इन आरोपों का साफ तौर पर खंडन किया है.
ट्रंप का हस्तक्षेप और चीन की प्रतिक्रिया
जबकि अमेरिका की तरफ से ट्रंप ने यह मुद्दा उठाया, चीन ने इसे सिरे से नकारा किया. चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंगयू ने कहा कि उन्हें बैठक में जिमी लाइ के मुद्दे पर किसी खास चर्चा की जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लाइ के अपराधों ने हांगकांग की स्थिरता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है, और चीन की सरकार इस मामले में पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया का पालन करेगी.
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इस मामले को पूरी तरह से हांगकांग का आंतरिक मामला बताते हुए किसी भी बाहरी दखल को नकारा किया. उनके अनुसार, जिमी लाइ "चीन विरोधी दंगों" के मुख्य योजनाकार और सहभागी थे.
जिमी लाइ का वर्तमान हालात
जिमी लाइ, जो ब्रिटिश नागरिक हैं, वर्तमान में हांगकांग की एक जेल में बंद हैं. उनकी सेहत को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि उनके दिल की धड़कनें तेज हो रही हैं और उन्हें नियमित मेडिकल देखरेख की आवश्यकता है. उनके वकील अदालत में यह दावा कर चुके हैं कि लाइ को हार्ट मॉनिटर और दवाइयों की जरूरत है.
अगर लाइ को दोषी ठहराया जाता है, तो उन्हें उम्रभर की सजा हो सकती है. इस समय, उनकी सुनवाई का फैसला लंबित है, और उन्हें अदालत के अंतिम निर्णय का इंतजार है. उनके परिवार और मानवाधिकार समूहों ने उनके स्वास्थ्य और अधिकारों के उल्लंघन पर चिंता जताई है, और अमेरिका ने उनकी रिहाई के लिए दबाव बनाना जारी रखा है.
अमेरिका और चीन के रिश्ते पर इसका प्रभाव
ट्रंप की जिमी लाइ के मामले में सीधी और व्यक्तिगत दखलंदाजी दोनों देशों के रिश्तों में तनाव को और बढ़ा सकती है. अमेरिका के लिए यह एक बड़ा कूटनीतिक कदम हो सकता है, क्योंकि जिमी लाइ की रिहाई को अमेरिका-चीन रिश्तों में एक सकारात्मक मोड़ के रूप में देखा जा सकता है. वहीं, चीन इसे अपने आंतरिक मामलों में बाहरी दखल के रूप में देखेगा, जो और अधिक विवाद पैदा कर सकता है.
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