वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से अपने बयान से पलटते हुए ईरान के साथ संभावित शांति समझौते पर संदेह जताते नजर आए हैं. ट्रंप ने हाल ही में कहा कि ईरान बातचीत में बेहद स्मार्ट है, लेकिन लड़ाई में वे बेकार साबित हो रहे हैं. इससे पहले दो दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान दोनों ही शांति समझौते की दिशा में काम करने के लिए तैयार हैं. अब, उनका यह बयान इस बदलाव को दर्शाता है कि स्थिति में क्या वाकई कुछ बदला है या नहीं.
डील या युद्ध की धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि या तो वे डील के लिए तैयार हो जाएं, या फिर युद्ध के लिए तैयार रहें. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के 90 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर्स और उनके मिसाइल कारखानों को नष्ट कर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान डील करने के लिए "भीख" मांग रहा है, जबकि वह युद्ध को भी टालने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इस बयान से साफ है कि ट्रंप ईरान के साथ कोई समझौता करने के लिए उतने आश्वस्त नहीं हैं, जितना पहले था.
NATO पर ट्रंप का हमला
राष्ट्रपति ट्रंप ने NATO के प्रति अपनी निराशा भी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि NATO ने युद्ध के दौरान अमेरिकी मदद की बात की थी, लेकिन जब जरूरी था, तब उन्होंने अमेरिका की मदद नहीं की. ट्रंप ने यह भी कहा कि अब NATO को अपनी परीक्षा देनी है, कि क्या वे हमारी मदद करने के लिए तैयार हैं या नहीं. उनका यह बयान न केवल NATO के लिए चुनौती था, बल्कि ये अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव का संकेत भी था.
शांति समझौता होने पर खुलेगा जलमार्ग
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने अभियान को लेकर एक और अहम बयान दिया. उनका कहना था कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होता है, तो होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान अब बुरी तरह से हार चुका है और बातचीत की मेज पर आ चुका है. अगर यह समझौता होता है, तो इस जलमार्ग से गुजरने वाला तेल व्यापार फिर से सामान्य हो सकता है.
अयातुल्ला खामेनेई पर ट्रंप की तीखी टिप्पणी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में भी बयान दिया, जिसमें उन्होंने खामेनेई को "सनकी" बताया. उनका कहना था कि उन्हें इस आदमी को रोकना ही था, जो अब हमारे बीच नहीं है. ट्रंप के इस बयान से साफ होता है कि वह खामेनेई के शासन को लेकर कोई नकारात्मक दृष्टिकोण रखते थे.
आर्थिक स्थिति और भविष्य के हालात पर ट्रंप की राय
ट्रंप ने इस बयान में यह भी कहा कि उन्हें लगा था कि तेल की कीमतें और अधिक बढ़ेंगी और शेयर बाजार में गिरावट आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसका मतलब यह है कि ट्रंप की आर्थिक रणनीतियों के प्रभाव के बारे में अभी भी निश्चितता नहीं है. इसके अलावा, उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की भी सराहना की, जिनके अनुसार, उनका मानना था कि वह इस भूमिका के लिए ही पैदा हुए थे.
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