China Bomber: चीन खुद को दुनिया की बड़ी ताकत बनाने के लिए आर्थिक के साथ-साथ सैन्य क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. लड़ाकू विमान, ड्रोन और मिसाइल तकनीक में चीन ने पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति की है. चीन के पास 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों के कई स्क्वाड्रन भी बताए जाते हैं. दूसरी तरफ भारत अपने लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ अगली पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान विकसित करने पर भी काम कर रहा है.
इसी बीच चीन से सामने आई कुछ नई तस्वीरों ने सैन्य विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है. चीन एक ऐसे स्टील्थ विमान का परीक्षण कर रहा है, जिसे इंटरकॉन्टिनेंटल यानी बेहद लंबी दूरी तक उड़ान भरने वाला बॉम्बर माना जा रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी क्षमता सही साबित होती है तो यह चीन की दूर तक हमला करने की ताकत को काफी बढ़ा सकता है.
चीन के नए विमान की पहली तस्वीरें कब आईं?
चीन के शिनजियांग प्रांत में परीक्षण के दौरान इस नए फ्लाइंग-विंग विमान की फुटेज सामने आई है. विशेषज्ञ इसे चीन के संभावित मानवरहित रणनीतिक बॉम्बर का प्रोटोटाइप मान रहे हैं.
नई तस्वीरों से पता चलता है कि विमान के अंदर काफी जगह है. इसका इस्तेमाल बड़ी मात्रा में ईंधन और हथियार रखने के लिए किया जा सकता है. फ्लाइंग-विंग डिजाइन की वजह से इसका रडार पर पता लगाना भी मुश्किल हो सकता है.
इस विमान की पहली उड़ान से जुड़ी तस्वीरें 19 अक्टूबर 2025 को सामने आई थीं. इससे पहले जून 2025 में शिनजियांग के मालान इलाके में एक एयरफोर्स परीक्षण केंद्र के पास ली गई उपग्रह तस्वीरों में भी इसकी झलक दिखाई दी थी.
चीन का नया बॉम्बर क्यों खास है?
फिलहाल चीन लंबी दूरी के हमलों के लिए मुख्य रूप से एच-6 बॉम्बर के लंबी दूरी वाले संस्करण, लंबी दूरी की मिसाइलों और वाईवाई-20 एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकरों पर निर्भर है. ये सभी प्लेटफॉर्म काफी सक्षम हैं, लेकिन नया स्टील्थ विमान चीन को इससे भी ज्यादा दूर तक ऑपरेशन करने की क्षमता दे सकता है.
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर यह विमान उम्मीद के मुताबिक काम करता है तो चीन अटलांटिक, आर्कटिक और दूसरे दूर के इलाकों तक भी हवाई पहुंच बनाने में सक्षम हो सकता है. चीन के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि विदेशों में उसके सैन्य ठिकाने सीमित हैं. ऐसे में बहुत लंबी दूरी वाला विमान उसके लिए बड़ा रणनीतिक फायदा बन सकता है.
अमेरिकी बी-2 जैसा दिखता है विमान
आकार की बात करें तो चीन का नया विमान अमेरिकी बी-2 बॉम्बर के करीब दिखाई देता है. दोनों विमानों का विंगस्पैन करीब 52 मीटर के आसपास बताया जाता है. हालांकि, चीनी विमान में पायलट के लिए जगह की जरूरत नहीं होगी. ऐसे में डिजाइन में ईंधन, हथियार और दूसरी प्रणालियों के लिए ज्यादा जगह मिल सकती है.
यह विकास ऐसे समय में हो रहा है जब चीन अपनी सैन्य विमान तकनीक को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. चीन छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर भी काम कर रहा है और इंजन तकनीक में सुधार से उसके लड़ाकू विमान और बॉम्बर कार्यक्रमों को भी बढ़ावा मिला है.
वहीं अमेरिकी बी-21 बॉम्बर आकार में चीन के इस नए विमान से छोटा है. अगर चीनी विमान वास्तव में इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज हासिल कर लेता है, तो यह लंबी दूरी के हवाई अभियानों में चीन को अहम बढ़त दे सकता है. खासकर इसलिए क्योंकि ऐसे अभियानों में अमेरिकी विमानों को बीच रास्ते में हवा में ईंधन भरने की जरूरत पड़ सकती है.
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