फंस गया किराए का अमेरिकी सैनिक! इस बड़े हमले में निकला कनेक्शन, NIA का खुलासा

Matthew Van Dyke NIA: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में म्यांमार में हुए एक ड्रोन हमले को लेकर बड़ा दावा किया है. एजेंसी ने गुरुवार को कोर्ट को बताया कि अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिक म्यांमार में एक यात्री विमान पर हुए ड्रोन हमले से जुड़े हुए थे.

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Matthew Van Dyke NIA: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में म्यांमार में हुए एक ड्रोन हमले को लेकर बड़ा दावा किया है. एजेंसी ने गुरुवार को कोर्ट को बताया कि अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिक म्यांमार में एक यात्री विमान पर हुए ड्रोन हमले से जुड़े हुए थे. इन लोगों को मार्च में मिजोरम सीमा से कथित तौर पर अवैध तरीके से भारत में दाखिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

NIA का आरोप है कि यह समूह भारत में भी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था. एजेंसी ने तिहाड़ जेल में बंद मैथ्यू वैन डाइक और यूक्रेनी नागरिक कामिंस्की विक्टर से पूछताछ की अनुमति मांगी. स्पेशल कोर्ट ने NIA की अर्जी मंजूर करते हुए कहा कि आरोपियों से पूछताछ जांच का हिस्सा है और आम तौर पर अदालत को जांच में दखल नहीं देना चाहिए.

भारत के रास्ते म्यांमार पहुंचे 14 यूक्रेनी नागरिक

NIA ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान पता चला कि कम से कम 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग तारीखों पर टूरिस्ट वीजा लेकर भारत आए थे. ये लोग गुवाहाटी से होते हुए मिजोरम पहुंचे और वहां से कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति के म्यांमार में दाखिल हुए.

एजेंसी के मुताबिक, इन लोगों के पास 'रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट' या 'प्रोटेक्टेड एरिया परमिट' नहीं था. NIA का दावा है कि म्यांमार जाने का मकसद वहां सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन से जुड़ी ट्रेनिंग देना था.

इस ट्रेनिंग में ड्रोन चलाने, ड्रोन तैयार करने, उनकी असेंबली और जैमिंग तकनीक की जानकारी देना शामिल था. ये सशस्त्र समूह म्यांमार की सैन्य सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं. 2021 में सेना के तख्तापलट के बाद से म्यांमार में सेना और इन विद्रोही समूहों के बीच संघर्ष लगातार जारी है.

म्यांमार की एयरलाइन के विमान पर हुआ था ड्रोन हमला

NIA ने बताया कि केंद्र सरकार को 20 फरवरी को म्यांमार नेशनल एयरलाइंस के एक यात्री विमान पर हुए ड्रोन हमले में अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों की कथित भूमिका की जानकारी मिली थी. यह विमान म्यित्कीना से मांडले जाने की तैयारी कर रहा था. यात्री रात करीब 8:12 बजे विमान में सवार हो रहे थे, तभी कम से कम दो एफपीवी कामिकेज ड्रोन ने विमान को निशाना बनाया. 

NIA के अनुसार, इन ड्रोनों में आरपीजी जैसे हथियार लगे थे और हमले में विमान के आगे के हिस्से, बीच के हिस्से और पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा. जांच एजेंसी का दावा है कि हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन कथित तौर पर मैथ्यू वैन डाइक से जुड़े नेटवर्क के जरिए स्थानीय विद्रोही समूहों तक पहुंचाए गए थे.

मोबाइल और दूसरे उपकरणों से मिले डिजिटल सबूत

NIA ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से तस्वीरें, वीडियो और आवाज के नमूने मिले हैं. एजेंसी के मुताबिक, इन उपकरणों से मिले डेटा की जांच में ऐसी जानकारियां सामने आई हैं, जो मामले की जांच में अहम हो सकती हैं.

NIA इन डिजिटल सबूतों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रोन कहां से आए थे, उन्हें किस नेटवर्क ने उपलब्ध कराया और वे स्थानीय सशस्त्र समूहों तक कैसे पहुंचे. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ड्रोन चलाने और तकनीकी काम की ट्रेनिंग किसने दी थी.

NIA ने क्या कहा?

हालांकि, मामले में जांच अभी जारी है और अदालत में किसी व्यक्ति या पूरे नेटवर्क की भूमिका अभी पूरी तरह साबित नहीं हुई है. NIA का कहना है कि डिजिटल सबूतों की पुष्टि करने और आरोपियों के बयानों से उनका मिलान करने के लिए उनसे पूछताछ जरूरी है.

एजेंसी आरोपियों के आपसी संपर्क और म्यांमार के सशस्त्र समूहों के साथ उनके कथित संबंधों का भी पता लगा रही है. NIA के मुताबिक, यह पूछताछ मामले की जांच को आगे बढ़ाने और पूरे नेटवर्क की जानकारी हासिल करने में मदद करेगी.

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