PM मोदी की चेतावनी को यूरोप ने किया नजरअंदाज! बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने अब मानी गलती, देखें VIDEO

Belgian PM On PM Modi: बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने माना है कि यूरोप को व्यापार के लिए दूसरे देशों पर ज्यादा निर्भर रहने के खतरे का अब अहसास हो रहा है. उन्होंने कहा कि भारत ने यूरोपीय देशों को इस खतरे के बारे में पहले ही चेतावनी दी थी, लेकिन उस समय यूरोप ने भारत की बात को गंभीरता से नहीं लिया.

India had already issued an alert Europe paid no heed Belgium PM has admitted it
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Belgian PM On PM Modi: बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने माना है कि यूरोप को व्यापार के लिए दूसरे देशों पर ज्यादा निर्भर रहने के खतरे का अब अहसास हो रहा है. उन्होंने कहा कि भारत ने यूरोपीय देशों को इस खतरे के बारे में पहले ही चेतावनी दी थी, लेकिन उस समय यूरोप ने भारत की बात को गंभीरता से नहीं लिया.

भारत और यूरोप के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी की जरूरत पर बात करते हुए डी वेवर ने कहा कि दोनों के सामने कई चुनौतियां एक जैसी हैं. खासतौर पर आर्थिक निर्भरता अब सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसका इस्तेमाल दूसरे देशों पर दबाव बनाने के लिए भी किया जा रहा है.

हमारे सामने एक जैसी चुनौतियां हैं- डी वेवर

डी वेवर ने कहा कि भारत और यूरोप के सामने कई समान चुनौतियां हैं. उन्होंने कहा कि दोनों ऐसे ताकतवर समूहों का सामना कर रहे हैं, जो दुनिया को एक खास दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यूरोप नहीं चाहता कि कोई दूसरा देश उस पर अपनी शर्तें थोपे. साथ ही आर्थिक निर्भरता को उसके खिलाफ दबाव बनाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाए, यह भी यूरोप को मंजूर नहीं है. इसके बाद उन्होंने भारत की ओर से यूरोप को पहले दी गई चेतावनी का जिक्र किया.

भारत ने पहले ही यूरोप को चेतावनी दी थी- डी वेवर

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने यूरोप को इस स्थिति के बारे में पहले ही चेतावनी दी थी. लेकिन उस समय यूरोपीय देशों ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया. डी वेवर ने कहा कि अब यूरोप भारत की उस बात को समझ रहा है और उसे गंभीरता से सुन रहा है. 

उन्होंने माना कि यूरोप को यह अहसास थोड़ी देर से हुआ, लेकिन अब वह इस खतरे को समझ चुका है. जब उनसे पूछा गया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के अलग-अलग हिस्सों में बंटने के दौर में भारत और यूरोप किस तरह मजबूत रणनीतिक साझेदारी बना सकते हैं, तो उन्होंने भारत के साथ लंबे समय तक सहयोग की जरूरत बताई.

सम्मान पर आधारित साझेदारी चाहता है यूरोप

डी वेवर ने कहा कि यूरोप ऐसे देशों के साथ साझेदारी करना चाहता है जो बहुपक्षीय व्यवस्था और आपसी सम्मान में भरोसा रखते हैं. उन्होंने कहा कि अगर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ मजबूत रिश्ते बनाने की बात हो और उस सूची में भारत का नाम नहीं हो, तो यह बड़ी गलती होगी. उन्होंने भारत को इस सूची में सबसे ऊपर बताया और कहा कि भारत यूरोप के लिए बेहद अहम साझेदार है.

भारत में विकास और सहयोग के बड़े मौके

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली लोग हैं और आने वाले समय में दोनों पक्षों के बीच सहयोग के काफी अवसर मौजूद हैं.

उन्होंने भारत की तुलना जापान जैसी विकसित और परिपक्व अर्थव्यवस्थाओं से करते हुए कहा कि भारत के साथ आपसी फायदे वाले विकास और लंबे समय की साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं.

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