Israel Ceasefire Conditions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित सीजफायर के बाद, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है. इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर अमेरिकी फैसले का समर्थन किया, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें भी रखीं.
इजराइल ने साफ किया है कि वह इस संघर्ष विराम का समर्थन तभी करेगा, जब ईरान जल्द से जल्द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलेगा और अमेरिका, इजराइल और क्षेत्र के दूसरे देशों पर हमले रोक देगा. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान पर हमले जारी रहेंगे.
ईरान पर नकेल कसने का मकसद
इजराइल ने यह भी कहा कि वह अमेरिका के प्रयास का समर्थन करता है, जिससे ईरान अब अमेरिका, इजराइल और उनके अरब पड़ोसियों के लिए परमाणु, मिसाइल और आतंकी खतरा न बन सके.
टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजराइल को यह भरोसा दिया है कि आने वाली बातचीत में इन सभी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है. इन लक्ष्यों को पूरा करना अमेरिका, इजराइल और क्षेत्र के सहयोगी देशों दोनों के लिए फायदेमंद होगा.
लेबनान पर सीजफायर लागू नहीं
प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ कहा कि यह दो हफ्तों का संघर्ष विराम लेबनान पर लागू नहीं होगा. जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने सीजफायर ऐलान में कहा था कि लेबनान भी इसमें शामिल है.
बता दें कि लेबनान में इजराइल हिजबुल्लाह की पकड़ को कमजोर करने के लिए नागरिक इलाकों पर भीषण हमले कर रहा है. अगर ये हमले जारी रहे, तो पूरे युद्धविराम की कोशिश शायद सफल नहीं हो पाएगी.
इजराइल सीजफायर से खुश नहीं
दुनिया भर में इस सीजफायर को इजराइल की रणनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, इजराइल खुद इस युद्धविराम के लिए तैयार नहीं था. वह ईरान पर हमले जारी रखना चाहता था. इस युद्धविराम में ईरान ने अपने प्रॉक्सी पर हमले रोकने की मांग की, जिसे अमेरिका ने मंजूरी दे दी.
इजराइल लेबनान में हिजबुल्लाह को खतरा मानता है, इसलिए वह चाहता है कि उनके हमले जारी रहें. इस वजह से युद्धविराम हिजबुल्लाह को मजबूत करने में मदद कर सकता है.
सीजफायर के बाद भी हमले जारी
सीजफायर के ऐलान के बावजूद, इजराइल ने बेका घाटी के मशघारा कस्बे पर हवाई हमले किए. इसके अलावा खियाम कस्बे पर तोप से गोले बरसाए गए. यह क्षेत्र पिछले कुछ हफ्तों से इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच भीषण लड़ाई का केंद्र रहा है. इस तरह, सीजफायर तो घोषित हो गया है, लेकिन जमीन पर इजराइल और हिजबुल्ला के बीच संघर्ष अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
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