Rafale Fighter Jet Deal: भारत सरकार ने भारतीय वायु सेना की ताकत बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से मिलने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अब 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है. इसके लिए अनुरोध पत्र को अंतिम रूप दे दिया गया है और आने वाले कुछ हफ्तों में इसे फ्रांस को भेजा जा सकता है.
सरकार का यह कदम भारतीय वायु सेना की मारक क्षमता और रणनीतिक ताकत को कई गुना बढ़ाने वाला माना जा रहा है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए राफेल विमानों के शामिल होने से भारत की हवाई शक्ति और ज्यादा मजबूत होगी.
जल्द फ्रांस दौरे पर जाएंगे वायु सेना प्रमुख
यह पूरा घटनाक्रम भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह के प्रस्तावित फ्रांस दौरे से ठीक पहले सामने आया है. बताया जा रहा है कि वह अगले महीने की शुरुआत में फ्रांस जा सकते हैं. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी जून के आखिर में फ्रांस दौरे की संभावना जताई जा रही है.
भारतीय वायु सेना के बेड़े में पहले से 36 राफेल लड़ाकू विमान शामिल हैं, जिन्होंने अपनी क्षमता से सेना का भरोसा मजबूत किया है. इसके अलावा भारतीय नौसेना भी विमानवाहक पोत संचालन के लिए 26 राफेल-एम विमानों को शामिल करने की तैयारी में जुटी हुई है.
90 राफेल विमानों का निर्माण भारत में होगा
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्तावित 114 राफेल विमानों में से करीब 90 का निर्माण भारत में ही किया जाएगा. इसके लिए फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन और एक भारतीय कंपनी के बीच साझेदारी की योजना बनाई जा रही है.
बाकी विमान सीधे तैयार हालत में भारत को सौंपे जाएंगे. रक्षा क्षेत्र में इसे “मेक इन इंडिया” अभियान के लिहाज से भी बेहद अहम कदम माना जा रहा है.
देश में निर्माण से कम होगी लागत
अधिकारियों का मानना है कि भारत में राफेल विमानों का निर्माण होने से उनकी कुल लागत में कमी आएगी. साथ ही रखरखाव, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता पर होने वाला खर्च भी कम हो सकेगा.
भारत के पास पहले से राफेल विमानों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा मौजूद है. ऐसे में नए विमानों को वायु सेना में शामिल करने की प्रक्रिया भी तेज और आसान हो सकती है.
राफेल लड़ाकू विमान की बड़ी खासियतें
राफेल दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है. इसकी ताकत और तकनीक इसे बेहद घातक बनाती है.
चीन और पाकिस्तान के लिए बढ़ेगी चुनौती
रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार नए राफेल विमानों की खरीद भारत की सुरक्षा रणनीति के लिए बेहद अहम साबित होगी. चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच भारतीय वायु सेना को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करना जरूरी माना जा रहा है.
राफेल विमान लंबी दूरी तक हमला करने, दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने और हर मौसम में ऑपरेशन चलाने की क्षमता रखते हैं. ऐसे में इनकी संख्या बढ़ने से भारतीय वायु सेना की ताकत में बड़ा इजाफा होगा.
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