Nautapa 2026: देशभर में आज यानी 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है. हर साल की तरह इस बार भी लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि आखिर नौतपा कितना तपाएगा और क्या इस बार भी तापमान पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकता है. मौसम विभाग ने पहले ही कई राज्यों में लू, तेज आंधी और तूफान को लेकर चेतावनी जारी कर दी है.
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में गर्मी लगातार बढ़ रही है. राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. वहीं मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों में आंधी और खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है.
डॉक्टरों का कहना है कि नौतपा के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि तेज गर्मी और लू का असर सीधे सेहत पर पड़ता है.
क्या होता है नौतपा?
नौतपा को लोक मान्यता और ज्योतिषीय गणना से जोड़कर देखा जाता है. माना जाता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौ दिनों तक भीषण गर्मी पड़ती है. इसी अवधि को नौतपा कहा जाता है.
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हर जगह और हर दिन एक जैसी गर्मी पड़े, यह जरूरी नहीं है. मौसम कई प्राकृतिक कारणों से बदलता रहता है.
इस साल नौतपा 25 मई 2026 से शुरू होकर 2 जून 2026 तक चलेगा. यानी कुल नौ दिनों तक गर्मी का असर देखने को मिल सकता है.
पिछले 5 सालों में कितना तप चुका है नौतपा?
पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो नौतपा के दौरान देश के कई हिस्सों में तापमान 47 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. कई बार हालात इतने खराब हुए कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया.
वर्ष 2021
साल 2021 में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले ने सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की थी. नौतपा के दौरान बुंदेलखंड क्षेत्र में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था. पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी तेज लू चली थी.
वर्ष 2022
साल 2022 नौतपा के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हुआ. उत्तर प्रदेश के बांदा और दिल्ली के मुंगेशपुर में तापमान 49.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. दिल्ली में लगातार कई दिनों तक तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहा.
वर्ष 2023
साल 2023 में राजस्थान के बाड़मेर में नौतपा के दौरान 48.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ और आंधी-तूफान की वजह से कई इलाकों में गर्मी कुछ कम रही.
वर्ष 2024
पिछला साल यानी 2024 नौतपा के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. राजस्थान के फलोदी में तापमान 50 डिग्री तक पहुंच गया था, जबकि चूरू में 50.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. उत्तर भारत के कई शहरों में अति-भीषण लू चली और 37 से ज्यादा शहरों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर रहा.
वर्ष 2025
साल 2025 में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया था. उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर और पिलानी में भी पारा 47 डिग्री के पार पहुंच गया था.
इस साल कितना तपाएगा नौतपा?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हवाएं सूखी और गर्म रहीं तो तापमान तेजी से बढ़ सकता है. वहीं अगर आंधी, बादल या हल्की बारिश होती है तो कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है.
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि रात का तापमान ज्यादा रहने पर लोगों को अधिक परेशानी होती है. लगातार गर्म रातें शरीर को थका देती हैं और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देती हैं.
इस बार भी कई राज्यों में लू चलने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज अलग रह सकता है.
हीट वेव कब मानी जाती है?
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचता है, तब हीट वेव की स्थिति मानी जाती है.
अगर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाए, तो इसे गंभीर हीट वेव की श्रेणी में रखा जा सकता है.
हर जगह एक जैसी गर्मी क्यों नहीं पड़ती?
भारत का मौसम कई कारकों पर निर्भर करता है. पश्चिमी विक्षोभ, समुद्री हवाएं, नमी, धूल भरी आंधी, स्थानीय बादल और गरज-चमक जैसी स्थितियां तापमान को प्रभावित करती हैं.
इसी वजह से एक ही दिन किसी शहर में 46 डिग्री तापमान हो सकता है, जबकि दूसरे इलाके में बारिश और बादलों के कारण राहत महसूस हो सकती है.
नौतपा में क्या करें?
क्या नहीं करना चाहिए?
डॉक्टरों का कहना है कि नौतपा के दौरान लापरवाही भारी पड़ सकती है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.
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