केबल कार में फंसी थी 320 जिंदगियां, गुलमर्ग में सेना और एनडीआरएफ ने ऐसे किया रेस्क्यू; जानें पूरा मामला

Gulmarg Cable Car: जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया. गुलमर्ग गोंडोला में तकनीकी खराबी आने के कारण सैकड़ों पर्यटक हवा में लटकी केबल कारों में फंस गए.

320 lives were trapped in the cable car this is how Army and NDRF rescued them in Gulmarg
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Gulmarg Cable Car: जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया. गुलमर्ग गोंडोला में तकनीकी खराबी आने के कारण सैकड़ों पर्यटक हवा में लटकी केबल कारों में फंस गए. घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ, भारतीय सेना और एनडीआरएफ ने संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया और सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

दोपहर में अचानक आई तकनीकी खराबी

जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात ने बताया कि दोपहर करीब 1:20 बजे गोंडोला सेवा में तकनीकी खराबी आ गई थी. इसके चलते कई केबल कारें बीच हवा में रुक गईं और उनमें सवार पर्यटक घंटों तक फंसे रहे.

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं. शुरुआती दौर में स्थानीय पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया.

बड़े स्तर पर चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

डीजीपी नलिन प्रभात के अनुसार, सबसे पहले गुलमर्ग के एसएचओ अपनी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप टीम के साथ मौके पर पहुंचे. इसके बाद एसडीआरएफ की 14 टीमें तत्काल रवाना की गईं. हालात की गंभीरता को देखते हुए बाद में एक अतिरिक्त टीम भी जोड़ी गई, जिससे एसडीआरएफ की कुल 15 टीमें बचाव कार्य में जुट गईं.

इसके अलावा आठ माउंटेन रेस्क्यू टीमें और नौ ‘स्नो लेपर्ड’ यूनिट्स को भी तैनात किया गया. बचाव अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ, भारतीय सेना और एनडीआरएफ के बड़ी संख्या में जवान शामिल रहे.

खराब मौसम के बावजूद सफल रहा मिशन

अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान इलाके में बारिश भी हो रही थी, जिससे बचाव कार्य और चुनौतीपूर्ण बन गया था. इसके बावजूद सभी पर्यटकों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया.

प्रशासन के मुताबिक करीब 320 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. इनमें कई बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. लगभग 45 ऐसे लोग थे जो शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट नहीं थे या ज्यादा चलने-फिरने में सक्षम नहीं थे. उन्हें स्ट्रेचर के जरिए सुरक्षित नीचे लाया गया.

पर्यटकों में दिखी दहशत

गोंडोला के हवा में रुक जाने के बाद कई पर्यटक घबरा गए थे. कुछ लोग घंटों तक केबिन में फंसे रहे. हालांकि रेस्क्यू टीमों ने लगातार पर्यटकों से संपर्क बनाए रखा और उन्हें शांत रहने की अपील की. रेस्क्यू पूरा होने के बाद पर्यटकों और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली. कई लोगों ने सुरक्षा बलों और बचाव टीमों के प्रयासों की सराहना की.

तकनीकी जांच शुरू

घटना के बाद प्रशासन ने गोंडोला सेवा में आई तकनीकी खराबी की जांच शुरू कर दी है. विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर सिस्टम में खराबी कैसे आई और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई. फिलहाल एहतियात के तौर पर गोंडोला सेवा की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो.

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