सस्ती दवाएं, नए AIIMS से रोजगार तक... बजट 2026 में किसे क्या मिला, क्या सस्ता और क्या हुआ महंगा?

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर में काफी उम्मीदें थीं. महंगाई से राहत, टैक्स में सुधार, रोजगार के नए मौके और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजों को सस्ता करने जैसे मुद्दे आम जनता के लिए सबसे अहम थे.

Budget 2026 Who got what cheap and what became expensive
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर में काफी उम्मीदें थीं. महंगाई से राहत, टैक्स में सुधार, रोजगार के नए मौके और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजों को सस्ता करने जैसे मुद्दे आम जनता के लिए सबसे अहम थे. 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं को साफ किया. इस बजट में सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा जैसे सेक्टरों पर खास जोर दिया गया है.

आइए विस्तार से समझते हैं कि बजट 2026 में किन क्षेत्रों को क्या राहत और नई सौगात मिली है.

इनकम टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव

बजट 2026 में टैक्स कानूनों को सरल बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है. अब आय छिपाने या गड़बड़ी पाए जाने पर जेल की सजा के बजाय आर्थिक दंड (जुर्माना) भरकर मामला निपटाने का प्रावधान किया गया है. सरकार का मानना है कि इससे टैक्स सिस्टम ज्यादा व्यवहारिक और विवादों से मुक्त होगा.

इसके साथ ही विदेश यात्रा पर लगने वाला टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे आम लोगों के लिए विदेश घूमना कुछ हद तक सस्ता होगा. सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से नया और सरल इनकम टैक्स कानून लागू करने की भी घोषणा की है, जिससे टैक्सपेयर्स को नियम समझने में आसानी होगी.

क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा

आम जनता को राहत देने के लिए सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में कई बदलाव किए गए हैं. दवाइयों, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी और खेल से जुड़े उपकरणों को सस्ता करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं. इससे न केवल आम उपभोक्ताओं को फायदा होगा, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

वहीं दूसरी ओर, सिगरेट, विदेशी शराब, लग्जरी वस्तुओं और एफएंडओ ट्रेडिंग जैसी गतिविधियों पर बोझ बढ़ाया गया है. सरकार का उद्देश्य एक तरफ जरूरी चीजों को सस्ता रखना और दूसरी ओर विलासिता और जोखिम भरे निवेश को महंगा करना है.

भारत बनेगा ग्लोबल बायोफार्मा हब

बायोफार्मा सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप पेश किया है. “बायोफार्मा शक्ति” पहल के तहत भारत को वैश्विक स्तर पर बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है.

इस पहल से दवाओं के निर्माण, रिसर्च और एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश को आर्थिक फायदा होने के साथ-साथ हेल्थ सेक्टर में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

गांव, गरीब और किसान पर फोकस

बजट 2026 में ग्रामीण विकास, गरीबों और किसानों के लिए कई योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है. मनरेगा और मुफ्त राशन योजना को सबसे ज्यादा बजट मिला है. पीएम किसान योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के जरिए भी सरकार ने आम आदमी को राहत देने का भरोसा दिया है.

सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा और गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी.

हेल्थ सेक्टर में लाखों रोजगार की तैयारी

स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बजट में बड़े ऐलान किए गए हैं. सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में हेल्थ और केयर सेक्टर में ढाई लाख से ज्यादा नए रोजगार के अवसर तैयार करना है.

इसके तहत मेडिकल कॉलेजों, ट्रेनिंग संस्थानों और हेल्थ प्रोफेशनल्स के स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जाएगा ताकि देश में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें.

चुनावी राज्यों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स

बजट 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल जैसे राज्यों के लिए विशेष प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है. इन राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल से जुड़े डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे.

इसके अलावा 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे टियर-2 और टियर-3 शहरों को बड़े शहरी केंद्रों से जोड़ा जाएगा. सरकार का मकसद रेलवे को सड़क और कम दूरी की हवाई यात्रा के एक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में विकसित करना है.

सेमीकंडक्टर मिशन को नई ताकत

भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन के बजट को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इसके साथ ही सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है.

इस मिशन के तहत उद्योग के नेतृत्व में रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे ताकि भारत चिप मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन सके.

पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

पर्यटन को लंबे समय तक आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनाने के लिए बजट में मेडिकल टूरिज्म, विरासत संरक्षण और दूरदराज इलाकों की कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है. सी-प्लेन सेवाओं को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है ताकि दुर्गम इलाकों तक पहुंच आसान हो सके.

इससे न केवल पर्यटन उद्योग को फायदा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

सरकार ने पूंजीगत खर्च (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. हाई-स्पीड रेल नेटवर्क, क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए देश को “विकसित भारत” की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप पेश किया गया है.

AI और नई टेक्नोलॉजी से ग्रोथ

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी को बजट 2026 में विकास का मुख्य इंजन बताया गया है. इंडिया AI मिशन और R&D फंड के जरिए रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा.

सरकार का मानना है कि AI भविष्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और भारत को ग्लोबल टेक हब बनने में मदद करेगा.

सस्ती दवाएं और नए AIIMS

सरकार ने कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने का ऐलान किया है. इसके अलावा देश में 3 नए एम्स और 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे. आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ हेल्थ सेक्टर में 1.5 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने की योजना भी बनाई गई है.

MSME को वित्तीय सहारा

छोटे और मझोले उद्योगों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की गई है. इससे MSME सेक्टर को सस्ती वित्तीय सहायता मिलेगी और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा.

शिक्षा, गर्ल्स हॉस्टल और यूनिवर्सिटीज

बजट में शिक्षा क्षेत्र को भी अहमियत दी गई है. सरकार ने हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसके अलावा नए शैक्षणिक संस्थानों और यूनिवर्सिटीज की स्थापना से उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की योजना है.

रक्षा बजट में बड़ा इजाफा

देश की सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए रक्षा मंत्रालय को 7.85 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. यह पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है और आधुनिक हथियार प्रणाली, मिसाइल और फाइटर जेट जैसी क्षमताओं को मजबूत करने पर खर्च किया जाएगा.

महिलाओं और खेलों के लिए योजनाएं

महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना को अपग्रेड कर ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया गया है. SHE-मार्ट्स की शुरुआत से महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने का नया प्लेटफॉर्म मिलेगा.

खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए काजू-बादाम जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों और आधुनिक तकनीक पर जोर दिया गया है. वहीं खेल मंत्रालय को 4,479.88 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है, जिससे खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों को नई मजबूती मिलेगी.

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