वित्त मंत्री ने BSNL के लिए खोला पिटारा, बजट में मिले हजारों करोड़, टेलीकॉम सेक्टर को भी मिला बड़ा तोहफा

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में BSNL और पूरे टेलीकॉम सेक्टर को नई ऊर्जा देने का ऐलान किया है. सरकारी टेलीकॉम कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 28,473 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

union Budget 2026 for BSNL and Telecom Sector Nirmala Sitharaman
Image Source: Social Media

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में BSNL और पूरे टेलीकॉम सेक्टर को नई ऊर्जा देने का ऐलान किया है. सरकारी टेलीकॉम कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 28,473 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, वहीं पूरे टेलीकॉम सेक्टर के लिए भी हजारों करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. नौवें बजट भाषण में वित्त मंत्री ने डिजिटल कनेक्टिविटी और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया, जिससे देश के डिजिटल ढांचे को और मजबूती मिलेगी.

टेलीकॉम सेक्टर को मिली बड़ी राहत

सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए कुल 73,990 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. पहले यह बजट 53,000 करोड़ रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 73,990 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इसका मतलब है कि सेक्टर के लिए 40% का इजाफा किया गया है. भारतनेट प्रोजेक्ट के लिए भी बजट बढ़ाया गया है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की पहुंच बेहतर होगी.

BSNL के लिए खुला खजाना

केंद्रीय टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि सरकार BSNL को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. BSNL के नेटवर्क कॉस्ट, नेटवर्क रोलआउट और इंटरनल रिक्वायरमेंट जैसे प्रोजेक्ट के लिए बजट आवंटित किया गया है. इसके साथ ही कंपनी का एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर 90 रुपये से बढ़कर 99 रुपये हो गया है, जिसमें लगभग 9% की बढ़त दर्ज की गई है.

नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

पिछले साल BSNL ने पूरे देश में 4G सर्विस रोल आउट की थी. इसके लिए कंपनी ने लगभग 1 लाख नए 4G/5G मोबाइल टावर लगाए हैं. अब BSNL अपने नेटवर्क को और बेहतर बनाने के लिए नए मोबाइल टावर लगाएगी और 5G सर्विस भी रोल आउट करेगी. बजट में मिले 28,473 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेक्ट्रम कॉस्ट और अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा.

स्वदेशी तकनीक पर आधारित 4G/5G नेटवर्क

BSNL का 4G/5G मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है. टावरों में लगने वाले इक्वीपमेंट्स को भारतीय कंपनियों ने डिजाइन किया है. नए मोबाइल टावर 5G रेडी हैं, यानी इनका इस्तेमाल आने वाले समय में 5G सर्विस के लिए भी किया जा सकेगा. प्रारंभिक ट्रायल के बाद 5G सर्विस को सबसे पहले दिल्ली और मुंबई में लॉन्च किया जाएगा.

ये भी पढ़ें: Budget 2026: बुलेट ट्रेन की रफ्तार से दौड़ेगी इकोनॉमी! दुनिया के 165 देशों की जीडीपी से ज्यादा भारत का बजट