Budget 2026: 53.47 लाख करोड़ का बजट; रक्षा से हेल्थ तक... जानें किस सेक्टर को कितना मिला

Budget 2026: केंद्र सरकार ने बजट 2026 के जरिए यह साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले वर्षों में देश की ग्रोथ की रफ्तार बुनियादी ढांचे के दम पर तय होगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार कैपेक्स यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाते हुए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.

budget 2026 Railways Health Agriculture Defence and Semiconductors highest fund allocation
Image Source: ANI

Budget 2026: केंद्र सरकार ने बजट 2026 के जरिए यह साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले वर्षों में देश की ग्रोथ की रफ्तार बुनियादी ढांचे के दम पर तय होगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार कैपेक्स यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाते हुए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. यह राशि पिछले साल के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है. सड़क, रेल, रक्षा, खेती, हेल्थ और सेमीकंडक्टर जैसे अहम सेक्टर इस बजट के केंद्र में रहे हैं. सरकार का फोकस सिर्फ खर्च बढ़ाने पर नहीं, बल्कि लंबे समय तक आर्थिक मजबूती तैयार करने पर दिख रहा है.

रक्षा मंत्रालय

बजट 2026 में सबसे बड़ी हिस्सेदारी एक बार फिर रक्षा मंत्रालय के खाते में गई है. सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए कुल 7.8 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसमें से 2.1 लाख करोड़ रुपये खास तौर पर सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए रखे गए हैं. इस फंड का इस्तेमाल नए लड़ाकू विमानों, अत्याधुनिक पनडुब्बियों और स्वदेशी हथियार प्रणालियों की खरीद में किया जाएगा. इससे न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत बढ़ेगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

रेलवे और परिवहन

रेलवे और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बजट 2026 में नई गति देने की कोशिश की गई है. सरकार ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए बड़ा आवंटन किया है, जिनमें मुंबई–पुणे और दिल्ली–वाराणसी जैसे अहम रूट शामिल हैं. इसके साथ ही ट्रेनों में ‘कवच’ एंटी-कोलिजन तकनीक को तेजी से लागू करने के लिए बजट बढ़ाया गया है. माल ढुलाई को सस्ता और तेज बनाने के लिए डानकुनी से सूरत के बीच नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा भी की गई है, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी.

मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर

टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इसके साथ ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत की जाएगी. इस पहल का मकसद भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाना और विदेशी निर्भरता को कम करना है.

कृषि और ग्रामीण विकास

बजट 2026 में खेती और ग्रामीण भारत को भी अहम स्थान मिला है. सरकार ने ‘भारत-विस्तार’ नाम के एआई पोर्टल के लिए फंड का प्रावधान किया है, जिससे किसानों तक आधुनिक तकनीक और जानकारी आसानी से पहुंचेगी. इसके अलावा जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है. छोटे उद्योगों और ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ‘एमएसएमई ग्रोथ फंड’ भी बनाया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

हेल्थ और बायो-फार्मा

स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस राशि का इस्तेमाल नई वैक्सीन, दवाओं और मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा देने में किया जाएगा. इसके साथ ही राज्यों में 5 नए मेडिकल हब बनाने के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और आम लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा. 

ये भी पढ़ें: Budget 2026: किसानों से लेकर महिलाओं तक... किसे क्या मिला? 10 Point में समझें बजट का लेखा-जोखा