Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए मोदी सरकार 3.0 की आर्थिक प्राथमिकताओं को साफ तौर पर सामने रखा. यह उनका लगातार नौवां बजट भाषण रहा, जिसमें सुधारों के साथ-साथ रोजगार, कौशल विकास और समावेशी ग्रोथ को केंद्र में रखा गया. बजट का फोकस सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों, युवाओं, महिलाओं, छोटे कारोबारियों और मिडिल क्लास के रोजमर्रा के जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश भी साफ दिखी.
खेती और ग्रामीण आय को मजबूत करने की कोशिश
बजट 2026 में किसानों की आय बढ़ाने को सबसे अहम एजेंडा बनाया गया है. सरकार ने ग्रामीण समृद्धि और कृषि आधारित आजीविका को मजबूती देने के लिए कई नई पहलों की घोषणा की है. मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों के इंटीग्रेटेड विकास की योजना लाई गई है. वहीं पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण इलाकों में गुणवत्तापूर्ण रोजगार पैदा करने पर जोर दिया गया है.
बागवानी फसलों के लिए भी बजट में बड़ा कदम उठाया गया है. नारियल प्रोत्साहन योजना के तहत पुराने और कम उत्पादन देने वाले पेड़ों को हटाकर उन्नत किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे उत्पादन और किसानों की आमदनी दोनों बढ़ने की उम्मीद है. सरकार का दावा है कि इससे करीब तीन करोड़ लोगों को फायदा होगा. काजू और कोको के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू कर भारत को आत्मनिर्भर बनाने और 2030 तक इन्हें प्रीमियम वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है.
तकनीक से जुड़ेंगे किसान और महिलाएं
खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में बजट 2026 में भारत-विस्तार नाम का एक मल्टीलिंगुअल, AI-आधारित प्लेटफॉर्म पेश किया गया है. इसके जरिए किसानों को मौसम, फसल और बाजार से जुड़ी सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे वे बेहतर फैसले ले सकेंगे और जोखिम कम कर पाएंगे. इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए SHE-मार्ट्स शुरू करने की घोषणा की गई है. इन प्लेटफॉर्म्स पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पाद बेच सकेंगी. यह पहल लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाने की कोशिश मानी जा रही है.
शिक्षा में निवेश और नए संस्थानों की सौगात
बजट 2026 में शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को भविष्य की जरूरतों से जोड़ने पर खास ध्यान दिया गया है. पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन खोलने और बड़े औद्योगिक व लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है.
लड़कियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए STEM संस्थानों में हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की योजना सामने आई है. साथ ही एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी जैसे उभरते क्षेत्रों में रिसर्च को प्रोत्साहित करने की बात भी बजट में कही गई है. शिक्षा से रोजगार तक के सफर को आसान बनाने के लिए एक हाई-पावर्ड एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट कमेटी बनाने का ऐलान भी किया गया है.
MSMEs को बनाया जाएगा इकोनॉमी का चैंपियन
छोटे और मझोले उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए बजट 2026 में इनके लिए व्यापक सपोर्ट मॉडल पेश किया गया है. सरकार ने MSMEs को इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सपोर्ट देने की रणनीति अपनाई है. इसके तहत 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड लॉन्च किया जाएगा और आत्मनिर्भर भारत फंड को अतिरिक्त 2,000 करोड़ रुपये मिलेंगे. कंप्लायंस की जटिलताओं को कम करने के लिए टियर-II और टियर-III शहरों में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ नाम का विशेष कैडर तैयार किया जाएगा, जो छोटे कारोबारियों को नियमों और प्रक्रियाओं में मदद करेगा.
रोजगार, स्किल और हेल्थकेयर पर बड़ा दांव
युवाओं के लिए नए करियर अवसर खोलने की दिशा में हेल्थकेयर सेक्टर को बजट 2026 में खास तवज्जो दी गई है. सरकार अगले पांच वर्षों में एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स जोड़ने और डेढ़ लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित करने की योजना बना रही है. इसके अलावा तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, NIMHANS-2 और जिला अस्पतालों में इमरजेंसी व ट्रॉमा केयर सुविधाओं को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है. मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब भी बनाए जाएंगे.
मिडिल क्लास को राहत या इंतजार?
टैक्स को लेकर मिडिल क्लास को बजट 2026 से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने जैसे किसी बड़े ऐलान की घोषणा नहीं हुई. इस वजह से प्रत्यक्ष टैक्स मोर्चे पर मध्यम वर्ग को निराशा हाथ लगी. हालांकि अप्रत्यक्ष रूप से कुछ राहत जरूर दी गई है. कैंसर और डायबिटीज की दवाओं पर ड्यूटी में छूट और कई उपभोक्ता उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी घटने से जूते-चप्पल, स्मार्टफोन जैसी रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो सकती हैं.
हाई-स्पीड रेल से बदलेगा सफर
बजट 2026 में रेल कनेक्टिविटी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने की कोशिश की गई है. सरकार ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित किए हैं, जिनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और हैदराबाद-चेन्नई जैसे रूट शामिल हैं. इन परियोजनाओं से न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि शहरी विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को भी रफ्तार मिलेगी.
पर्यटन, संस्कृति और विरासत पर जोर
पर्यटन को ग्रोथ इंजन बनाने के लिए बजट 2026 में मेडिकल और हेरिटेज टूरिज्म दोनों पर ध्यान दिया गया है. आयुष केंद्रों और पोस्ट-केयर सुविधाओं के साथ पांच मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव है. होटल मैनेजमेंट काउंसिल को अपग्रेड कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्थापित किया जाएगा. नॉर्थ-ईस्ट में बौद्ध सर्किट प्रोजेक्ट्स, डिजिटल नॉलेज ग्रिड और 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों के विकास से सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान देने की योजना है.
दिव्यांगजनों और खेलों के लिए नई पहल
बजट 2026 में दिव्यांगजनों के लिए विशेष कौशल और सहारा योजनाओं की घोषणा की गई है. इसके तहत इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग, सहायक उपकरणों का निर्माण और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन पर काम किया जाएगा. खेलों के क्षेत्र में ‘खेलो इंडिया मिशन’ को अगले दशक के लिए विस्तार दिया गया है, जिसका लक्ष्य टैलेंट पहचान, कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाना है.
ये भी पढ़ें: Budget 2026: वित्त मंत्री ने महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना का किया ऐलान, जानें इससे किसे मिलेगा फायदा