होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव! जहाजों पर गोलीबारी के बाद ईरान अलर्ट, अब हर एंट्री पर लेनी होगी मंजूरी

Strait Of Hormuz Crisis: ईरान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अहम समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से अपने सख्त नियंत्रण में ले लिया है और इसे बंद कर दिया है. इस फैसले के बाद खाड़ी इलाके में तनाव तेजी से बढ़ गया है और हालात युद्ध जैसे नजर आने लगे हैं.

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Strait Of Hormuz Crisis: ईरान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अहम समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से अपने सख्त नियंत्रण में ले लिया है और इसे बंद कर दिया है. इस फैसले के बाद खाड़ी इलाके में तनाव तेजी से बढ़ गया है और हालात युद्ध जैसे नजर आने लगे हैं.

नाकेबंदी के कारण समुद्र में कई जहाज फंस गए हैं और लंबी कतारें लग गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, वहां से गुजर रहे दो जहाजों पर गोलीबारी भी की गई है. ईरान ने साफ कहा है कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को उसकी सेना से अनुमति लेनी होगी.

ईरान का कड़ा रुख

ईरान की सेना ने ऐलान किया है कि खाड़ी क्षेत्र में फिर से सख्त सैन्य नियंत्रण लागू किया जा रहा है. ईरान का आरोप है कि अमेरिका बार-बार नियम तोड़ रहा है और उसके बंदरगाहों के पास गलत गतिविधियां कर रहा है. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने भी कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि ईरानी नौसेना किसी भी दुश्मन को कड़ी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

अमेरिका की प्रतिक्रिया

वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान को लेकर “अच्छी खबर” आ सकती है, लेकिन उन्होंने कोई साफ जानकारी नहीं दी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर 22 अप्रैल तक शांति समझौता नहीं हुआ, तो फिर से टकराव बढ़ सकता है.

युद्धविराम से जुड़ी बात

हाल ही में अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम हुआ था. इसके बाद ईरान ने कुछ समय के लिए इस समुद्री रास्ते को खोल दिया था, लेकिन अब फिर से इसे बंद कर दिया गया है.

अभी क्या हालात हैं?

फिलहाल खाड़ी में तनाव बना हुआ है. जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और गोलीबारी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. अगर जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो हालात और खराब हो सकते हैं.

क्यों जरूरी है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है. यह फारस की खाड़ी को दुनिया के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में अगर यह बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है और कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं.

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