US-China Tension: अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन का कहना है कि साल 2035 तक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में लगभग 300 F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट ऑपरेशनल हो जाएंगे. कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस डेवलपमेंट के वाइस प्रेसिडेंट स्टीव शीही ने सिंगापुर एयरशो के दौरान बताया कि इस इलाके में सुरक्षा से जुड़े जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए कई देश आधुनिक लड़ाकू विमानों को अपनी वायुसेना में शामिल कर रहे हैं.
स्टीव शीही के मुताबिक, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच सैन्य सहयोग काफी मजबूत है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलती है. फिलहाल एशिया-प्रशांत में चार बड़े अमेरिकी सहयोगी देश F-35 लड़ाकू विमान ऑपरेट कर रहे हैं. इनमें ऑस्ट्रेलिया के पास 72, जापान के पास कुल 147, दक्षिण कोरिया के पास 40 और सिंगापुर के पास 20 F-35 विमान हैं. इन चारों देशों के पास मिलाकर करीब 279 F-35 तैनात हैं.
2026 तक डिलीवरी का नया लक्ष्य
लॉकहीड मार्टिन ने बीते साल F-35 की रिकॉर्ड 191 डिलीवरी की थी. कंपनी इस साल 156 फाइटर जेट्स की डिलीवरी करने की योजना पर काम कर रही है. जापान और सिंगापुर ने F-35 के दो वेरिएंट खरीदे हैं. F-35A पारंपरिक रनवे से टेकऑफ और लैंडिंग करता है, जबकि F-35B कम दूरी से उड़ान भर सकता है और वर्टिकल लैंडिंग करने में सक्षम है, जिससे इसे युद्धपोतों से भी ऑपरेट किया जा सकता है.
जापान बन सकता है दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर
आने वाले वर्षों में जापान, अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा F-35 ऑपरेटर बन सकता है. फिलहाल यह स्थान ऑस्ट्रेलिया के पास है, जिसके पास 72 F-35 विमान हैं. वहीं दक्षिण कोरिया के पास अभी 40 F-35A फाइटर जेट हैं और वह भविष्य में 5 से 20 अतिरिक्त विमान शामिल करने की योजना पर विचार कर रहा है.
क्यों खास हैं F-35 फाइटर जेट
F-35 जैसे पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान स्टेल्थ तकनीक से लैस होते हैं, जिससे इन्हें दुश्मन के रडार पर पकड़ना मुश्किल हो जाता है. इन जेट्स में एडवांस्ड सेंसर, आधुनिक हथियार प्रणाली और नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर की क्षमता होती है. ये विमान हवा में और जमीन पर सटीक हमले करने में सक्षम माने जाते हैं.
चीन भी बढ़ा रहा है अपनी ताकत
दूसरी ओर चीन भी अपनी वायुसेना को आधुनिक बनाने में तेजी से जुटा है. उसने J-20 और हाल ही में J-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को अपने बेड़े में शामिल किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2030 तक चीन के पास लगभग 1,000 J-20 फाइटर जेट हो सकते हैं. इसी बदलते सामरिक माहौल के चलते अमेरिका और उसके साझेदार देश F-35 के जरिए अपनी हवाई ताकत को और मजबूत कर रहे हैं.
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